Netflix के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। हालांकि सब्सक्राइबर बेस बढ़ रहा है, लेकिन प्रति यूजर औसत वॉच टाइम में गिरावट आई है। YouTube जैसी मुफ्त सेवाओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन राजस्व में कमी का असर कंपनी के स्टॉक पर साफ दिख रहा है।
एंगेजमेंट का संकट
Netflix इस समय एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। कंपनी का इंटरनल डेटा बताता है कि प्लेटफॉर्म पर सब्सक्राइबर्स का औसत समय कम हो गया है। हालांकि कुल व्यूइंग आवर्स बढ़े हैं, लेकिन यह बढ़त नए सब्सक्राइबर्स आने के कारण है, न कि पुराने मेंबर्स ज्यादा समय बिता रहे हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि नए ग्राहकों को तो जोड़ा जा रहा है, लेकिन पुराने ग्राहकों का ध्यान बनाए रखना कंपनी के लिए कठिन होता जा रहा है।
विज्ञापन रेवेन्यू में बड़ी चूक
YouTube जैसे फ्री और विज्ञापन-आधारित प्लेटफॉर्म्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर कंपनी के एडवर्टाइजिंग बिजनेस पर पड़ा है। हाल ही में कंपनी ने बताया कि विज्ञापन रेवेन्यू उम्मीदों से करीब $300 मिलियन पीछे रहा है। मैनेजमेंट का मानना है कि नए विज्ञापन प्रोडक्ट्स के धीरे-धीरे रोलआउट होने के कारण यह कमी आई है। लॉन्ग टर्म प्रॉफिटेबिलिटी के लिए एड-सपोर्टेड टियर का सफल होना बेहद जरूरी है, जिसे लेकर निवेशक काफी सतर्क हैं।
नई रणनीति और बदलाव
अमेरिका में ठहरी हुई ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए Netflix अब लाइव इवेंट्स और पॉडकास्ट की ओर रुख कर रहा है। कंपनी अपनी कंटेंट लीडरशिप टीम को भी बदल रही है, जिसमें Peter Rice की नियुक्ति अहम है। इससे पहले कंपनी ने अपने कुल वर्कफोर्स में 6% की कटौती की है और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी छोड़ी है।
क्या है निवेशकों की चिंता?
इस साल अब तक शेयर 29% गिर चुका है। राहत की बात यह है कि US में कंपनी का 'चर्न रेट' (Churn Rate) महज 2% है, यानी लोग बड़ी संख्या में प्लेटफॉर्म छोड़ नहीं रहे हैं। Co-CEO Greg Peters ने माना कि कंपनी मुनाफे में है, लेकिन ग्रोथ को दोबारा गति देना उनकी प्राथमिकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या लाइव इवेंट्स और नई लीडरशिप एंगेजमेंट को सुधारने में कामयाब हो पाएगी या नहीं।
