Music Broadcast Share Price: Q3 में मुनाफा 232% उछला, पर Revenue में गिरावट | जानें पूरी कहानी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Music Broadcast Share Price: Q3 में मुनाफा 232% उछला, पर Revenue में गिरावट | जानें पूरी कहानी
Overview

Music Broadcast ने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) **29%** घटकर **₹46.5 करोड़** पर आ गया। हालांकि, सबसे अच्छी बात यह है कि EBITDA में शानदार रिकवरी के चलते एडजस्टेड PAT (Profit After Tax) तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) **232%** बढ़कर **₹6.0 करोड़** हो गया।

Q3 में दिखी रिकवरी, पर 9 महीने की तस्वीर चिंताजनक

कंपनी के ताजा नतीजों के मुताबिक, Q3 FY26 में Music Broadcast का रेवेन्यू ₹46.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 29% कम है। लेकिन, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर रेवेन्यू में 23% की बढ़त देखी गई। वहीं, रिपोर्टेड PAT ₹3.7 करोड़ रहा, जिसमें 2% की मामूली YoY बढ़ोतरी हुई।

सबसे खास बात यह रही कि एडजस्टेड PAT (Adjusted PAT) में 232% की जबरदस्त QoQ उछाल आई और यह ₹6.0 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA में तो और भी बड़ी, 1082% की QoQ बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹15.9 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 34% पर आ गया।

9 महीनों का कैसा रहा हाल?

हालांकि, जब हम 9 महीने (9MFY26) के नतीजों पर नजर डालते हैं, तो तस्वीर थोड़ी चिंताजनक लगती है। इस अवधि में रेवेन्यू 26% YoY घटकर ₹133.6 करोड़ रहा। एडजस्टेड PAT में 85% की भारी गिरावट आई और यह सिर्फ ₹1.6 करोड़ रह गया। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि रिपोर्टेड PAT नेगेटिव (-₹5.4 करोड़) हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 228% की गिरावट दिखाता है। 9 महीनों का EBITDA भी 41% YoY घटकर ₹25.3 करोड़ रहा और मार्जिन 19% पर सिमट गए।

प्रदर्शन में अंतर की वजह?

एडजस्टेड PAT और रिपोर्टेड PAT के बीच के बड़े अंतर का मुख्य कारण NCRPS (Non-Convertible Redeemable Preference Shares) पर लगने वाला इंटरेस्ट कॉस्ट है। Q3 में QoQ प्रदर्शन बेहतर दिख रहा है, लेकिन YoY रेवेन्यू में गिरावट और 9 महीनों में रिपोर्टेड PAT का नेगेटिव होना अभी भी बड़े मुद्दे हैं।

आगे क्या उम्मीद करें?

रेडियो इंडस्ट्री में विज्ञापन की मात्रा Q3 FY26 में 2% YoY घटी है। ऐसे में Music Broadcast के लिए रेवेन्यू पर दबाव बने रहने की आशंका है। साथ ही, इंटरेस्ट एक्सपेंस का रिपोर्टेड प्रॉफिटेबिलिटी पर असर चिंता का विषय बना रहेगा। कंपनी के मैनेजमेंट ने आगे के लिए कोई खास गाइडेंस नहीं दी है, इसलिए निवेशकों को अगले क्वार्टर में रेवेन्यू ट्रेंड, मार्जिन की स्थिरता और इंटरेस्ट कॉस्ट के असर पर बारीकी से नजर रखनी होगी। डिजिटल रेवेन्यू (जो फिलहाल विज्ञापन बिक्री का 6% है) का योगदान भी अहम होगा।

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