Indian Super Gaming League (ISGL) ने अपने फ्रेंचाइजी-आधारित मॉडल को प्रोफेशनल बनाने के लिए आनंद महिंद्रा के फैमिली ऑफिस से निवेश हासिल किया है।
ESports की दुनिया में बड़ा बदलाव करते हुए Indian Super Gaming League (ISGL) ने आनंद महिंद्रा के फैमिली ऑफिस से संस्थागत निवेश जुटाया है। पूर्व प्रतिस्पर्धी गेमर शांतनु बसु द्वारा स्थापित यह लीग अब भारतीय गेमिंग सेक्टर को छिटपुट आय के मॉडल से निकालकर एक स्ट्रक्चर्ड, फ्रेंचाइजी-आधारित प्रोफेशनल लीग बनाने की दिशा में काम कर रही है।
फ्रेंचाइजी मॉडल और रणनीतिक साझेदारी
ISGL का पूरा ढांचा स्थापित स्पोर्ट्स क्लबों के साथ मिलकर काम करने पर टिका है। मुंबई सिटी FC, केरल ब्लास्टर्स FC, चेन्नईयन FC, FC गोवा और पुणेरी पल्टन जैसी टीमों को शामिल करके, लीग इन क्लबों के मौजूदा फैनबेस और इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाना चाहती है। इस तरीके से स्वतंत्र ई-स्पोर्ट्स लीगों के सामने आने वाली 'कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट' (Customer Acquisition Cost) को कम करने की कोशिश की जा रही है।
बसु की कंपनी 'LetsGameNow' इस विस्तार के लिए इंजन का काम करेगी। कंपनी की रणनीति सिर्फ टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ई-कॉमर्स, कंटेंट और स्पॉन्सरशिप के जरिए एक बड़ा डिजिटल इकोसिस्टम बनाना चाहती है।
बिजनेस रिस्क और चुनौतियां
बावजूद इसके कि संस्थागत निवेश ने सेक्टर में भरोसा जगाया है, ई-स्पोर्ट्स कंपनियों के सामने मोनेटाइजेशन (Monetization) की बड़ी चुनौती है। फ्रेंचाइजी मॉडल को बनाए रखने की लागत बहुत अधिक है, जिसमें ऑपरेशंस और टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च होता है।
इसके अलावा, ग्लोबल ई-स्पोर्ट्स दिग्गजों से मिलने वाली कड़ी टक्कर भी एक बाधा है। भविष्य में इस लीग की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कैजुअल गेमर्स को नियमित प्रशंसकों में कितनी तेजी से बदलते हैं और ई-कॉमर्स व कंटेंट से वास्तविक रेवेन्यू कितना आता है।
