₹1,000 करोड़ IP का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
Lionsgate Play India एक बड़े मैनेजमेंट बायआउट (Management Buyout) के बाद अब तेजी से ग्रोथ की राह पर है। कंपनी का फोकस अब कंटेंट की सिर्फ 'डिस्ट्रीब्यूशन' (Distribution) से हटकर 'इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी' (IP) बनाने की ओर है। कंपनी ने अगले कुछ सालों में कम से कम ₹1,000 करोड़ का IP तैयार करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। यह कदम कंपनी को एक डिस्ट्रीब्यूटर से एक फुल-फ्लेज्ड एंटरटेनमेंट कंपनी के तौर पर स्थापित करेगा।
AI से कंटेंट का नया दौर
इस नई रणनीति का अहम हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल है। Lionsgate Play ने खुद की AI टेक्नोलॉजी तैयार की है और अब AI-आधारित स्टूडियो व प्रोडक्शन वर्कफ्लो बना रही है। AI का इस्तेमाल क्रिएटिविटी को रोकने के लिए नहीं, बल्कि जटिल कहानियों को बताने और प्रोडक्शन कॉस्ट (Production Cost) को बेहतर ढंग से मैनेज करने के लिए किया जाएगा।
कम्पटीशन में टिके रहने की चुनौती
Lionsgate Play का मुकाबला Netflix, Amazon Prime Video और JioCinema जैसे दिग्गजों से है। जहां Lionsgate Play अपने 50 लाख सब्सक्राइबर बेस को 1.5 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रख रही है, वहीं JioCinema जैसे प्लेयर्स फ्री कंटेंट और स्पोर्ट्स राइट्स के दम पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में डिजिटल ग्रोथ तो तगड़ी है, लेकिन कंटेंट की बढ़ती लागत के कारण बहुत से प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रॉफिटेबल (Profitable) बने रहना एक बड़ी चुनौती है। Lionsgate Play खासकर 20-45 साल के पुरुष दर्शकों के प्रीमियम कंटेंट पर फोकस कर रही है, जो इसे खास जगह देता है लेकिन सब्सक्राइबर ग्रोथ को सीमित कर सकता है।
आर्थिक चुनौतियां और फंडिंग के सवाल
अपनी बड़ी योजनाओं के बावजूद, Lionsgate Play के सामने आर्थिक चुनौतियां भी कम नहीं हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में कंपनी का नेट लॉस (Net Loss) 57% घटकर ₹26 करोड़ रह गया, लेकिन ऑपरेटिंग रेवेन्यू (Operating Revenue) 7% से ज्यादा गिरकर ₹75 करोड़ हो गया। यह आंकड़ा ₹1,000 करोड़ के IP बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के एकदम विपरीत है। CEO रोहित जैन ने अभी किसी बड़ी एक्सटर्नल फंडिंग (External Funding) की घोषणा नहीं की है। कंपनी को अपनी पूर्व पेरेंट कंपनी को ब्रांड और कंटेंट लाइसेंसिंग के लिए रॉयल्टी फीस (Royalty Fees) भी देनी होगी, जो प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) को प्रभावित करेगी। एड-सपोर्टेड मॉडल (Ad-supported model) से दूर रहने के फैसले से भी रेवेन्यू बढ़ाने के विकल्प सीमित हो जाते हैं।
सब्सक्राइबर स्ट्रेटेजी और आगे की योजना
Lionsgate Play सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल पर ही टिकी रहेगी। कंपनी भविष्य में साउथ ईस्ट एशिया में भी विस्तार की योजना बना रही है। इस स्ट्रेटेजी का मकसद मास स्केल (Mass Scale) पर पहुंचने के बजाय युवा दर्शकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना है।
