Lionsgate Play India ने भारतीय बाजार में अपनी स्ट्रेटेजी बदल दी है। अब वे अपनी प्रीमियम हॉलीवुड फिल्मों को सीधे स्ट्रीमिंग पर लाने के बजाय, पहले सिनेमाघरों में रिलीज करने पर ध्यान देंगे। कंपनी का मानना है कि इस 'सिनेमा-फर्स्ट' अप्रोच से दर्शकों का जुड़ाव बढ़ेगा और फिल्म को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर आने से पहले अधिक वैल्यू मिलेगी।
2026 के सितंबर महीने से, Lionsgate Play हर साल 10 से 12 बड़ी हॉलीवुड फिल्में भारतीय सिनेमाघरों में लाने की योजना बना रहा है। यह पहले के मॉडल से एक बड़ा बदलाव है, जहां कई फिल्में सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आती थीं। कंपनी का लक्ष्य बड़े पर्दे से लेकर डिजिटल स्क्रीन तक एक seamless अनुभव तैयार करना है, जिससे बॉक्स ऑफिस कमाई के साथ-साथ बाद में स्ट्रीमिंग से भी अधिक रेवेन्यू जेनरेट हो सके।
यह बड़ा कदम तब उठाया गया है जब Lionsgate Entertainment Corp. (NYSE: LGF.A/LGF.B) के शेयर में मजबूती देखी गई है। 17 अप्रैल 2026 को LGF.A का शेयर $8.59 पर ट्रेड कर रहा था। कंपनी का मार्केट कैप करीब $1.9 से $2.4 बिलियन के बीच है, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2024 में इसका रेवेन्यू लगभग $4.02 बिलियन था। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि पैरेंट कंपनी ने हाल ही में दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में अपने Lionsgate Play स्ट्रीमिंग सर्विस को फाउंडर रोहित जैन को लगभग $20-30 मिलियन में बेचा है। यह कदम कुछ हद तक इस क्षेत्र में कंपनी के रीजनल स्ट्रीमिंग ऑपरेशंस की व्यापक समीक्षा का संकेत देता है।
Lionsgate Play का यह pivot भारत के तेजी से विकसित हो रहे मीडिया बाजार में हो रहा है। Netflix और Amazon Prime Video जैसे ग्लोबल प्लेयर्स के साथ-साथ JioStar (Disney+ Hotstar) जैसे भारतीय खिलाड़ी मुख्य रूप से बड़ी लोकल कंटेंट लाइब्रेरी और मल्टी-लैंग्वेज ऑप्शन पर फोकस करते हैं। ये प्लेटफॉर्म अक्सर विज्ञापन-समर्थित और सब्सक्रिप्शन मॉडल को मिलाकर, या बंडल्स ऑफर करके दर्शकों को लुभाते हैं। Amazon Prime Video भी 2026 से सालाना 4 से 6 फिल्में भारतीय थिएटरों में रिलीज करने की योजना बना रहा है, हालांकि यह उनके ओवरऑल प्लेटफॉर्म स्ट्रेटेजी का हिस्सा है।
भारतीय सिनेमा मार्केट धीरे-धीरे ठीक हो रहा है, लेकिन इसे अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। 2019 और 2024 के बीच, थिएटर रेवेन्यू में थोड़ी गिरावट आई है, और सिनेमा में दर्शकों की संख्या 41% कम होकर सालाना 150 मिलियन से भी कम रह गई है। बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में बॉक्स ऑफिस की ग्रोथ को लीड कर रही हैं, जो 2024 में टॉप 10 फिल्मों के रेवेन्यू का 40% से अधिक हिस्सा हैं। लेकिन दर्शक बहुत सेलेक्टिव हो गए हैं और कई बार नॉन-ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए स्ट्रीमिंग रिलीज का इंतजार करते हैं। Lionsgate India LLP ने FY2024 में ₹71 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जिसमें पिछले साल 10% की निगेटिव CAGR और मुनाफे में कमी देखी गई। वहीं, दूसरी ओर, डिजिटल स्ट्रीमिंग मार्केट तेजी से फल-फूल रहा है, जिसके 2030 तक $9 बिलियन से अधिक होने का अनुमान है, और इसके 1.45 बिलियन से अधिक मंथली एक्टिव यूजर्स हैं।
यह 'थिएटर-फर्स्ट' स्ट्रेटेजी अपने साथ बड़े जोखिम लेकर आती है। भारतीय दर्शक अब खर्चों को लेकर ज्यादा सतर्क हैं, और हॉलीवुड फिल्मों को भारतीय सिनेमाघरों में मिली-जुली सफलता मिली है, खासकर उन फिल्मों को जो ब्लॉकबस्टर कैटेगरी में नहीं आतीं। 2019 से 2024 के बीच सिनेमा विजिट्स में 41% की गिरावट से पता चलता है कि थिएटर जाने वाले दर्शकों का दायरा अब छोटा लेकिन ज्यादा समर्पित है। इसके अतिरिक्त, थिएट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन, मार्केटिंग और एग्जीबिशन से जुड़ी भारी लागतें शायद उतना रिटर्न न दे पाएं, खासकर उन तरीकों की तुलना में जिनसे स्ट्रीमिंग सेवाएं सीधे दर्शकों और रेवेन्यू तक पहुंचती हैं। पैरेंट कंपनी का खुद स्ट्रीमिंग सर्विस बेचना इस क्षेत्र में एक बोल्ड, लेकिन संभावित रूप से महंगा दांव साबित हो सकता है। बाजार में वे प्लेटफॉर्म कामयाब हो रहे हैं जिनके पास लोकल कंटेंट की विशाल लाइब्रेरी और इंटीग्रेटेड ऑफरिंग हो।
भारत का मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र डिजिटल उपयोग और बढ़ते OTT मार्केट के कारण लगातार मजबूत विकास की राह पर है। हालांकि, Lionsgate की थिएट्रिकल योजना की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी प्रभावी ढंग से ऐसी फिल्में चुन पाते हैं जो भारतीय दर्शकों को पसंद आएं, बदलते दर्शक स्वादों के अनुकूल ढल सकें, और सिनेमा के एक्सक्लूसिव अनुभव को डिजिटल एक्सेस की चाहत से सफलतापूर्वक जोड़ सकें। लोकल कंटेंट बनाना और व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट करना इस क्षेत्र में लंबी अवधि की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।
