Kome-On Communication Limited के लिए आने वाले दिन चुनौतियों से भरे रहने वाले हैं। एक ओर, कंपनी 19 मार्च, 2026 को अपनी 30वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तैयारी कर रही है, जहाँ शेयरहोल्डर्स FY 2022-23 के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी देंगे और बोर्ड डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर चर्चा करेंगे। इस बीच, कंपनी को BSE Limited से एक बड़ा झटका लगा है। BSE ने 11 दिसंबर, 2025 को एक आदेश जारी कर कंपनी के इक्विटी शेयर्स को अनिवार्य रूप से डीलिस्ट (Compulsory Delisting) करने की कार्यवाही शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तिथि 10 अप्रैल, 2026 है। इस डीलिस्टिंग की कार्यवाही ने कंपनी के शेयर बाजार में भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति भी बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। Kome-On Communication Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2024 (FY24) में ₹13.28 करोड़ का भारी घाटा (Loss) दर्ज किया है, जबकि इस अवधि में कंपनी का रेवेन्यू शून्य (Zero Revenue) रहा है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने के प्रयास में, कंपनी ने श्री शंकर कोकाने और श्रीमती रेणु बेनीवाल को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Non-Executive Independent Directors) के तौर पर नियुक्त किया है।
यह डीलिस्टिंग का संकट शेयरहोल्डर्स के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनके निवेश के मूल्य और शेयरों की लिक्विडिटी को प्रभावित कर सकता है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कंपनी का अतीत अनुपालन (Compliance) संबंधी समस्याओं से भरा रहा है, जिसके कारण पहले भी इसके शेयरों की ट्रेडिंग पर रोक लग चुकी है।