कर्नाटक सरकार ने सिनेमा टिकटों पर **2%** नया सेस लगाने का ऐलान किया है, जो **30 सितंबर 2026** से प्रभावी होगा। इस फैसले से मल्टीप्लेक्स ऑपरेटर्स की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि इससे टिकट की कीमतें बढ़ सकती हैं और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है।
कर्नाटक सरकार की ओर से सिनेमा टिकटों पर 2% का नया सेस लगाने के फैसले से सिनेमा जगत में हड़कंप मच गया है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MAI) ने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि यह इंडस्ट्री और दर्शकों पर एक अनावश्यक बोझ है।\n\n### ऑपरेटरों के लिए चुनौती\nफाइनेंशियल नजरिए से देखें तो यह फैसला मल्टीप्लेक्स कंपनियों के लिए अनिश्चितता लेकर आया है। मल्टीप्लेक्स का बिजनेस पहले ही कम मार्जिन पर चलता है। अब कंपनियों के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं: या तो वे इस लागत को खुद झेलें और अपना नेट प्रॉफिट कम करें, या फिर टिकट की कीमतें बढ़ाकर इसका भार सीधा दर्शकों पर डाल दें।\n\n### PVR INOX पर असर की आशंका\nPVR INOX जैसी लिस्टेड कंपनियों के लिए कर्नाटक एक बड़ा मार्केट है। अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या (footfalls) घटने का रिस्क बना रहता है। दर्शक मनोरंजन के अन्य सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, जिसका असर इन कंपनियों की तिमाही नतीजों पर पड़ सकता है।\n\n### GST के साथ नया विवाद\nइंडस्ट्री बॉडी ने इस सेस को GST ढांचे के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि यह 'टैक्स-ऑन-टैक्स' (tax-on-tax) वाला मामला है, जो GST के उस मूल उद्देश्य को खत्म करता है जिसमें टैक्स सिस्टम को आसान और एकीकृत (streamlined) बनाने का वादा किया गया था। इस नए नियम का सीधा असर कंपनियों की भविष्य की एक्सपेंशन प्लानिंग पर भी पड़ सकता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी या कंपनियों को इस रेगुलेटरी बाधा के बीच अपने मार्जिन बचाने के लिए कोई नई रणनीति अपनानी पड़ेगी।
