JioStar के वाइस-चेयरमैन उदय शंकर ने मीडिया इंडस्ट्री को सलाह दी है कि वे अब केवल पुराने विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन मॉडल पर निर्भर न रहें। उन्होंने 'इंटीग्रेटेड कॉमर्स' पर जोर दिया है, ताकि Reliance Industries के मीडिया सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी को और मजबूत किया जा सके।
मीडिया इंडस्ट्री के दिग्गज और JioStar के वाइस-चेयरमैन उदय शंकर ने कहा है कि भारतीय मीडिया सेक्टर के लिए अब पुरानी लीक से हटकर सोचने का समय आ गया है। उन्होंने साफ किया कि केवल पारंपरिक विज्ञापनों और सब्सक्रिप्शन फीस से काम नहीं चलेगा। कंपनी अब कंटेंट और शॉपिंग के बीच तालमेल बिठाने यानी 'इंटीग्रेटेड कॉमर्स' की ओर बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
मीडिया सेक्टर फिलहाल भारी चुनौतियों का सामना कर रहा है। कंटेंट और महंगे स्पोर्ट्स राइट्स की लागत बढ़ने के साथ-साथ डिजिटल कॉम्पिटिशन भी बढ़ रहा है। JioStar, जो कि Reliance Industries और Disney Star का जॉइंट वेंचर है, अब अपनी आय के स्रोतों को स्थिर करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में Reliance के मीडिया सेगमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 15% का मुनाफा दर्ज किया है, जिसका मुख्य श्रेय कॉस्ट मैनेजमेंट और JioHotstar के 50 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स को जाता है।
रिस्क और भविष्य की राह
निवेशकों को यह समझना होगा कि स्पोर्ट्स टूर्नामेंट्स के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स बहुत महंगे होते हैं, जिससे मार्जिन पर दबाव बना रहता है। कंपनी अब 'सैशे प्राइसिंग' (छोटी और सस्ती यूनिट्स में सर्विस) पर भी दांव लगा रही है। हालांकि, ये नए प्रयोग कितनी जल्दी और कितनी सफलता से काम करेंगे, यह देखना अभी बाकी है। Reliance के शेयरधारकों के लिए यही देखना महत्वपूर्ण होगा कि JioStar का यह नया बिजनेस मॉडल कब तक मुनाफे को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।
