JioStar अब विज्ञापनों और सब्सक्रिप्शन के दायरे से बाहर निकल रही है। कंपनी अपने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर AI-बेस्ड शॉपिंग और इंटरैक्टिव फीचर्स जोड़ रही है, जिससे व्यूअर्स अब सीधे वीडियो देखते हुए खरीदारी कर सकेंगे।
स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अब बना मार्केटप्लेस
JioStar अपनी स्ट्रीमिंग सर्विस को एक ऐसे मार्केटप्लेस में बदल रही है, जहां मनोरंजन और खरीदारी एक साथ हो सके। इस मॉडल का मकसद विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन से होने वाली पारंपरिक कमाई पर निर्भरता को कम करना है। कंपनी अब व्यूअर्स को स्क्रीन छोड़े बिना ब्रांड्स के साथ इंटरैक्ट करने का मौका दे रही है।
नई पार्टनरशिप और तकनीक
हाल ही में हुए IPL के दौरान, प्लेटफॉर्म ने Swiggy के साथ मिलकर फूड ऑर्डरिंग फीचर पेश किया था, जिसे यूजर्स का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। इसके अलावा, NEWME जैसे फैशन ब्रांड्स के लिए 'शॉप-द-लुक' और Samsung के साथ प्रोडक्ट प्लेसमेंट जैसे प्रयोग भी कंपनी की भविष्य की रणनीति का हिस्सा हैं। इसके अलावा, कंपनी 'कन्वर्सेशनल AI' पर भी बड़ा निवेश कर रही है ताकि यूजर्स को एक 'सेकंड स्क्रीन' का अनुभव मिल सके।
फाइनेंशियल हेल्थ और डेटा
Reliance Industries के मीडिया वर्टिकल का FY26 का प्रदर्शन इस रणनीति के लिए आधार बना है। कंपनी ने ₹40,682 करोड़ का रेवेन्यू और ₹3,434 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, EBITDA मार्जिन 16.7% रहा, जिसमें साल-दर-साल 640 बेसिस पॉइंट्स की बढ़त देखी गई। कंपनी के पास अब 50 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स का बड़ा बेस मौजूद है।
निवेशकों के लिए रिस्क और चुनौतियां
हालांकि यह मॉडल काफी एडवांस है, लेकिन इसमें बड़े निवेश की जरूरत है। FY26 के लिए कंटेंट और टेक्नोलॉजी पर ₹32,000 करोड़ से ₹33,000 करोड़ के बजट का अनुमान है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि JioStar एक स्वतंत्र लिस्टेड कंपनी नहीं है, इसलिए इसका सीधा असर Reliance Industries के शेयरों पर दिखेगा। स्ट्रीमिंग स्पेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, क्या यह 'कंटेंट-कॉमर्स' मॉडल यूजर्स के अनुभव को खराब किए बिना सफल हो पाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
