JioStar के CEO केविन वाज के अनुसार, **₹2.78 लाख करोड़** के भारतीय मीडिया सेक्टर की असली ताकत अब 'ऑडियंस अटेंशन' और कनेक्टेड टीवी में है। कंटेंट कॉमर्स और माइक्रो-ड्रामा जैसे नए रेवेन्यू मॉडल ग्रोथ की नई उम्मीदें जगा रहे हैं।
भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर अब पूरी तरह से 'अटेंशन इकॉनमी' की ओर बढ़ रहा है। JioStar के एंटरटेनमेंट CEO केविन वाज ने FICCI Frames 2026 में साफ किया कि कंटेंट की उपलब्धता अब समस्या नहीं है, असली लड़ाई दर्शकों का ध्यान खींचने की है।
कनेक्टेड टीवी की बढ़ती ताकत
कनेक्टेड टीवी अब ग्रोथ का सबसे बड़ा पिलर बनकर उभरा है, जिसके पास करीब 20 करोड़ दर्शक हैं। खास बात यह है कि इस पर करीब 80% कंटेंट 'शेयर्ड व्यूइंग' (परिवार के साथ देखना) के जरिए देखा जा रहा है। 2026 Tata IPL के दौरान 120 करोड़ से ज्यादा व्यूअर्स की संख्या ने इस प्लेटफॉर्म की जबरदस्त ताकत दिखा दी है।
नए रेवेन्यू मॉडल और TADKA की एंट्री
कंपनी अब पारंपरिक विज्ञापनों से आगे बढ़कर 'कंटेंट कॉमर्स' पर फोकस कर रही है, जहां यूजर सीधे स्क्रीन से खरीदारी कर सकेंगे। वहीं, माइक्रो-ड्रामा सेगमेंट में भी कंपनी आक्रामक है। 2025 में ₹650 करोड़ के इस मार्केट में 50% की सालाना ग्रोथ दर देखने को मिल रही है। JioStar का खास यूनिट 'TADKA' 50 से ज्यादा प्रोडक्शन हाउसेस के साथ मिलकर इसे स्केल कर रहा है।
डेटा की पारदर्शिता और चुनौतियां
ग्रोथ के बीच चुनौतियां भी कम नहीं हैं। इंडस्ट्री लगातार ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) रेटिंग्स की पारदर्शिता की मांग कर रही है, ताकि विज्ञापनदाताओं का भरोसा बना रहे। साथ ही, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच कॉपीराइट और डेटा सिक्योरिटी जैसे मुद्दों को सुलझाना भी कंपनियों के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।
