JioStar ने अपने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर ChatGPT को जोड़ा है। IPL में सफल टेस्टिंग के बाद कंपनी अब रीजनल कंटेंट और इन-ऐप कॉमर्स पर जोर दे रही है, ताकि यूजर एंगेजमेंट बढ़ सके।
स्पोर्ट्स का बदलता अनुभव
JioStar अब आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के जरिए भारतीय दर्शकों का अनुभव बदलने की तैयारी में है। OpenAI के ChatGPT को प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे दर्शक लाइव मैच के दौरान ही खिलाड़ियों के स्टेट्स और मैच हिस्ट्री जैसे सवालों के जवाब पा सकेंगे। 2026 इंडियन प्रीमियर लीग में इसका सफल ट्रायल किया गया, जिसका मकसद दर्शकों को ऐप पर ज्यादा देर तक बनाए रखना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ते खर्च
हाल ही में प्लेटफॉर्म पर 7.25 करोड़ कॉनकरेंट यूजर्स का रिकॉर्ड ट्रैफिक देखा गया। इतने बड़े लोड को संभालने के लिए भारी इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्वर पर निवेश करना पड़ता है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये महंगे टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स और AI का खर्च, बढ़े हुए विज्ञापन रेट्स या सब्सक्रिप्शन के जरिए वसूल हो पाएगा?
रीजनल भाषा और कॉमर्स पर फोकस
कंपनी अब सिर्फ अंग्रेजी कंटेंट तक सीमित नहीं है। डेटा के मुताबिक, हरियाणवी और भोजपुरी कंटेंट की खपत में 300% की ग्रोथ देखी गई है। साथ ही, JioStar अब लाइव मैच के दौरान ही 'इन-ऐप कॉमर्स' की टेस्टिंग कर रहा है, जहां से यूजर्स सीधे फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए ऑर्डर कर सकेंगे।
क्या है जोखिम?
ये नए प्रयोग जहाँ एंगेजमेंट बढ़ाते हैं, वहीं डेटा प्राइवेसी और रेगुलेटरी नियमों का पालन करना एक चुनौती है। भारत का स्ट्रीमिंग मार्केट बेहद कॉम्पिटिटिव है, इसलिए कंपनी को यह साबित करना होगा कि उनका भारी निवेश केवल यूजर बेस नहीं, बल्कि नेट प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी कर रहा है।
