CII Big Picture Summit 2026 में JetSynthesys के CEO राजन नवानी ने भारत को ग्लोबल मीडिया लीडर बनाने का रोडमैप पेश किया है। उन्होंने AI और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के मिलन से डिजिटल IP तैयार करने पर जोर दिया है, जो गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स सेक्टर में बड़े बदलाव ला सकता है।
ग्लोबल स्टेज पर भारत की नई पहचान
CII Big Picture Summit 2026 में राजन नवानी ने एक स्पष्ट विजन रखा है: भारत अब केवल सर्विस प्रोवाइडर बनकर नहीं रह सकता। उनका सुझाव है कि AI का इस्तेमाल कर भारत अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति को डिजिटल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) में बदले। इस बदलाव से भारतीय कंपनियां ग्लोबल स्तर पर अपनी खुद की गेमिंग और एनिमेशन IP की मालिक बन सकेंगी, जो पारंपरिक कंटेंट प्रोडक्शन के मुकाबले काफी ज्यादा मुनाफे वाला बिजनेस है।
IICT का मॉडल और इंडस्ट्री की चुनौतियां
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज' (IICT) को एक मॉडल के तौर पर पेश किया गया है। यह केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार और इंडस्ट्री के दिग्गजों का एक साझा प्रयास है ताकि एक ट्रेंड वर्कफोर्स तैयार की जा सके। Nazara Technologies जैसी लिस्टेड कंपनियां पहले से ही इस क्षेत्र में सक्रिय हैं, जिन्हें अब यूजर एक्विजिशन की लागत और IP से होने वाली कमाई के बीच सही संतुलन बनाना होगा।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में यह बदलाव जितना आकर्षक है, उतना ही रिस्की भी है।
- अनिश्चितता: क्रिएटिव इंडस्ट्री में हर प्रोजेक्ट सफल IP नहीं बनता।
- रेगुलेटरी रिस्क: AI एथिक्स, डेटा प्राइवेसी और कॉपीराइट से जुड़े ग्लोबल नियमों में बदलाव कंपनियों के लिए नई चुनौती बन सकते हैं।
- कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX): नई टेक्नोलॉजी और टैलेंट में भारी निवेश के चलते कंपनियों के शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
अगले कुछ समय में निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनियां कैसे अपनी डिजिटल संपत्तियों (जैसे ई-सिम्युलेटेड क्रिकेट या XR गेमिंग) को मोनेटाइज करती हैं और सरकारी सपोर्ट का कितना लाभ उठा पाती हैं।
