JWCC का नया दांव: मुंबई में इवेंट्स का 'एम्बेसडर प्रोग्राम' लॉन्च, विदेशी कॉन्फ्रेंस लाने की तैयारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
JWCC का नया दांव: मुंबई में इवेंट्स का 'एम्बेसडर प्रोग्राम' लॉन्च, विदेशी कॉन्फ्रेंस लाने की तैयारी

मुंबई का जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर (JWCC) अब अंतरराष्ट्रीय बिजनेस इवेंट्स को शहर में आकर्षित करने के लिए 'कॉन्फ्रेंस एम्बेसडर प्रोग्राम' लेकर आया है। इंडस्ट्री के दिग्गजों और महाराष्ट्र कन्वेंशन ब्यूरो के साथ मिलकर JWCC का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा ग्लोबल कॉन्फ्रेंस सुरक्षित करना है।

JWCC का बड़ा प्लान: विदेशी कॉन्फ्रेंस को मुंबई लाने की नई रणनीति

मुंबई का प्रतिष्ठित जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर (JWCC) अब शहर में अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और बिजनेस गैदरिंग्स को आकर्षित करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है। सेंटर ने अपना 'कॉन्फ्रेंस एम्बेसडर प्रोग्राम' लॉन्च किया है। बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में स्थित यह वेन्यू, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज इकोसिस्टम का हिस्सा है, बड़े पैमाने पर इवेंट्स के लिए एक ग्लोबल हब के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है।

कैसे काम करेगा यह प्रोग्राम?

इस प्रोग्राम के तहत, JWCC इंडस्ट्री के प्रमुख नेताओं और एसोसिएशन एक्सपर्ट्स को अपने साथ जोड़ेगा। ये विशेषज्ञ अपने प्रोफेशनल नेटवर्क का इस्तेमाल करके ग्लोबल इवेंट्स की पहचान करेंगे और उनके लिए बोली (Bid) लगाएंगे। इस कोशिश में JWCC, महाराष्ट्र कन्वेंशन ब्यूरो और इंटरनेशनल कांग्रेस एंड कन्वेंशन एसोसिएशन (ICCA) के साथ मिलकर काम कर रहा है। सेंटर इन एम्बेसडर्स को बोली प्रक्रिया में विशेष सहायता, मार्केटिंग संसाधन और प्रासंगिक खर्चों को कवर करने के लिए 'कॉन्फ्रेंस एम्बेसडर ग्रांट' जैसी सुविधाएं देगा।

मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का मिलेगा फायदा

JWCC पहले भी वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ अकाउंटेंट्स, इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी सेशन और ग्लोबल फिनटेक फेस्ट जैसे हाई-प्रोफाइल आयोजनों की मेजबानी कर चुका है। इस एम्बेसडर प्रोग्राम को औपचारिक रूप देकर, मैनेजमेंट 2030 तक लगातार इवेंट्स की एक मजबूत पाइपलाइन बनाने की कोशिश कर रहा है। इतने बड़े वेन्यू के लिए, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और रेवेन्यू को अधिकतम करने के लिए लगातार उच्च-मात्रा में उपयोग आवश्यक है।

बिज़नेस के मायने और जोखिम

बिजनेस इवेंट्स का सेक्टर ग्लोबल इकोनॉमिक साइकिल के प्रति बहुत संवेदनशील होता है। एक स्थिर ग्लोबल इकोनॉमी आमतौर पर बिजनेस ट्रैवल और कॉन्फ्रेंस पर कॉर्पोरेट खर्चों का समर्थन करती है। इसके विपरीत, ग्लोबल मार्केट्स में मंदी या भू-राजनीतिक अस्थिरता अक्सर कॉर्पोरेट ट्रैवल और इवेंट बजट में कमी लाती है। इसके अलावा, प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की मेजबानी के लिए प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी है, जिसमें कई ग्लोबल शहर एक ही इवेंट के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। इस प्रोग्राम की सफलता चुने गए एम्बेसडर्स की ग्लोबल बिडिंग प्रक्रियाओं में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

यह पहल सीधे तौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक प्राइस को प्रभावित नहीं करती है, लेकिन यह कंपनी के कमर्शियल रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी एसेट्स के उपयोग और प्रमुखता को अधिकतम करने के प्रयासों को दर्शाती है। निवेशक अक्सर इन विकासों पर कंपनी के नॉन-कोर हॉस्पिटैलिटी और इवेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस से रेवेन्यू बढ़ाने के इरादे के संकेतक के रूप में नजर रखते हैं।

आगे देखते हुए, इस बिज़नेस के लिए मुख्य निगरानी योग्य बिंदु इन बोलियों की कन्वर्जन रेट और आने वाले वर्षों के लिए कन्फर्म होने वाले अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स की मात्रा होगी। इवेंट पाइपलाइन के विकास और सेंटर के वास्तविक उपयोग को ट्रैक करने से प्रोग्राम की प्रभावशीलता की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.