India Live-Events Market: मनोरंजन जगत में बहार, ₹13,600 करोड़ का हुआ कारोबार!

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Live-Events Market: मनोरंजन जगत में बहार, ₹13,600 करोड़ का हुआ कारोबार!

भारत का लाइव-इवेंट्स सेक्टर तेजी से उभर रहा है। साल 2025 में यह मार्केट **44%** की जबरदस्त ग्रोथ के साथ **₹13,600 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है। टूरिज्म और बढ़ती डिमांड के चलते अब बड़े निवेशक भी इसमें रुचि दिखा रहे हैं।

भारत के ऑर्गनाइज्ड लाइव-इवेंट्स इंडस्ट्री अब एक नए दौर में है। साल 2025 में इस सेक्टर की वैल्यूएशन ₹13,600 करोड़ हो गई है। यह 44% की वार्षिक बढ़ोतरी इस बात का सबूत है कि लोग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बजाय कॉन्सर्ट, स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक आयोजनों में खुद शामिल होना पसंद कर रहे हैं। इसे अब 'ऑरेंज इकॉनमी' (Orange Economy) के तौर पर देखा जा रहा है।

इकॉनमी पर असर (Multiplier Effect)

इन बड़े आयोजनों का असर केवल टिकट बिक्री तक सीमित नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक, इवेंट पर खर्च किए गए हर ₹1 से हॉस्पिटैलिटी और रिटेल जैसे क्षेत्रों में ₹1.46 से ₹2.03 तक का अतिरिक्त बिजनेस पैदा होता है। अहमदाबाद में हुए कोल्डप्ले (Coldplay) कॉन्सर्ट का उदाहरण लें, तो इसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगभग ₹641 करोड़ का बूस्ट दिया था।

प्राइवेट इक्विटी का भरोसा

ग्लोबल निवेशक अब भारत के एंटरटेनमेंट एसेट्स में बड़ा दांव लगा रहे हैं। KKR ने BookMyShow जैसे प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया है, जबकि Blackstone का भी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में निवेश है। CVC द्वारा Gujarat Titans से एग्जिट जैसे मामले बताते हैं कि यह सेक्टर अब एक 'इन्वेस्टेबल एसेट क्लास' के रूप में उभर रहा है।

टियर-2 शहरों की चमक

यह तेजी अब केवल मुंबई-दिल्ली तक सीमित नहीं है। टियर-2 शहरों में इवेंट्स के लिए दीवानगी बढ़ रही है। इन शहरों में इवेंट्स के लिए आउटस्टेशन ट्रैवल का आंकड़ा 74% है, जो टियर-1 शहरों के 45% के मुकाबले काफी ज्यादा है।

क्या हैं चुनौतियां?

तेजी के साथ कुछ मुश्किलें भी हैं। यह सेक्टर अभी भी कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड गिग वर्कर पर निर्भर है, जिससे वर्कफोर्स स्टेबिलिटी एक बड़ा मुद्दा है। इसके अलावा, आयोजन कर्ता एक 'सिंगल-विंडो रेगुलेटरी सिस्टम' की मांग कर रहे हैं ताकि परमिट मिलने में देरी न हो। साथ ही, 70% कंज्यूमर्स अब 'इको-फ्रेंडली' इवेंट्स के लिए एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने को भी तैयार हैं, जो कंपनियों के लिए एक नया अवसर और चुनौती दोनों है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.