Print Media: विज्ञापनों से कमाई में जबरदस्त उछाल, **₹3,590 करोड़** पार पहुंचा रेवेन्यू

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AuthorNeha Patil|Published at:
Print Media: विज्ञापनों से कमाई में जबरदस्त उछाल, **₹3,590 करोड़** पार पहुंचा रेवेन्यू

त्योहारी सीजन में FMCG और ऑटो सेक्टर की दमदार मांग के चलते इंग्लिश अखबारों के विज्ञापन रेवेन्यू में **3.83%** का उछाल आया है और यह **₹3,590 करोड़** पर पहुंच गया है।

प्रिंट मीडिया के लिए फेस्टिव सीजन काफी लकी साबित हुआ है। इंग्लिश डेलीज़ के विज्ञापन रेवेन्यू में 3.83% की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे यह आंकड़ा ₹3,590 करोड़ तक पहुंच गया है। FMCG, रिटेल और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टर्स ने बड़े पैमाने पर विज्ञापन बजट खर्च किए, जिससे पुरानी मीडिया की साख फिर से साबित हुई है।

आंकड़ों में क्या है खास?

Indian Newspaper Society के डेटा के मुताबिक, इंग्लिश अखबारों ने एक्रेडिटेड एजेंसियों से आने वाले बिजनेस में 43.9% की हिस्सेदारी हासिल की है, जो पहले 42.02% थी। यह दिखाता है कि बड़ी कंपनियां आज भी हाई-इम्पैक्ट कैंपेन के लिए अखबारों पर भरोसा जता रही हैं।

बदल रहा है बिजनेस मॉडल

अब बड़ी मीडिया कंपनियां सिर्फ अखबारों की बिक्री पर निर्भर नहीं हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, डिजिटल पोर्टल, आउटडोर एडवरटाइजिंग और इवेंट्स जैसे नॉन-प्रिंट सेगमेंट का योगदान अब कुल रेवेन्यू में लगभग 25% तक पहुंच गया है, जो साल 2019 में केवल 13% था। यह विविधीकरण (diversification) लंबी अवधि में फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिए बेहद जरूरी है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

सब कुछ अच्छा दिखने के बावजूद, न्यूज़प्रिंट की अस्थिर कीमतें ऑपरेटिंग मार्जिन पर सीधा असर डालती हैं। त्योहारी सीजन के बाद विज्ञापन दरें बनाए रखना बड़ी चुनौती है। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण छोटे विज्ञापनदाताओं को लुभाना भी मुश्किल हो रहा है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में ऑपरेटिंग मार्जिन और डिजिटल रेवेन्यू की ग्रोथ पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.