साल **2025** में **1.1 करोड़** लोगों ने पे-टीवी (Pay-TV) सब्सक्रिप्शन छोड़ दिया है। ऐसे में भारतीय मीडिया कंपनियां अब पारंपरिक सेट-टॉप बॉक्स से हटकर हाइब्रिड और ऐप-बेस्ड मॉडल की तरफ बढ़ रही हैं, ताकि दर्शकों को वापस जोड़ा जा सके।
हाइब्रिड मॉडल की नई रणनीति
GTPL Hathway, Tata Play और Sun Direct जैसी दिग्गज कंपनियां अब टीवी चैनल्स और OTT प्लेटफॉर्म्स को एक साथ जोड़ रही हैं। इससे एक ही इंटरफेस पर दर्शकों को सब कुछ मिल रहा है, जो उन्हें प्योर-प्ले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जाने से रोकने की एक बड़ी कोशिश है।
Connected TV का तेजी से बढ़ता क्रेज
Connected TV अब इस सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। इसके जरिए करीब 6.2 से 6.5 करोड़ घरों तक पहुंच बनी है, जो कि 20 करोड़ से ज्यादा लोगों का बड़ा दर्शक आधार है। यह तकनीक न केवल दर्शकों को लुभा रही है, बल्कि कंपनियों को 'टारगेटेड एडवरटाइजिंग' और पर्सनलाइज्ड कंटेंट देने का नया जरिया भी दे रही है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
निवेशकों को ध्यान देना होगा कि यह बदलाव हार्डवेयर-आधारित बिजनेस से सॉफ्टवेयर-आधारित मॉडल की तरफ है। इसमें टेक्नोलॉजी में भारी निवेश की जरूरत है। साथ ही, TATA IPL 2026 जैसे महंगे स्पोर्ट्स कंटेंट पर निर्भरता से मुनाफे (Margins) पर दबाव बना रह सकता है। अब देखना यह है कि क्या डिजिटल विज्ञापन से आने वाली कमाई, इन कंपनियों के टेक्नोलॉजी खर्च को कवर कर पाएगी या नहीं।
