Indian Marketing: AI का बढ़ता दबदबा, बदल रही है कंपनियों की मार्केटिंग रणनीति

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Marketing: AI का बढ़ता दबदबा, बदल रही है कंपनियों की मार्केटिंग रणनीति

भारत में अब खरीदारी के फैसले AI टूल्स से प्रभावित हो रहे हैं। करीब **25%** कंज्यूमर जर्नी में AI का दखल है, जिससे कंपनियां अब पारंपरिक विज्ञापन छोड़ AI-ऑप्टिमाइज्ड कंटेंट पर अपना बजट खर्च कर रही हैं।

भारत में मार्केटिंग के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। Boston Consulting Group की रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग 25% खरीदारी की प्रक्रिया अब बड़े भाषा मॉडल (LLMs) से प्रभावित है। दिलचस्प बात यह है कि जो लोग रिसर्च के लिए AI का उपयोग करते हैं, उनमें से 65% का मानना है कि AI ने ही उनके ब्रांड चुनने में अंतिम फैसला लिया है।

रीच (Reach) से 'AI रेलेवेंस' की ओर

अब कंपनियां टीवी विज्ञापनों और सोशल मीडिया इम्प्रेशंस से हटकर 'आंसर इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन' (Answer Engine Optimization) पर ध्यान दे रही हैं। अब यह जरूरी हो गया है कि ब्रांड अपने प्रोडक्ट की जानकारी जैसे कीमत और फीचर्स को इस तरह से स्ट्रक्चर करें कि AI मशीनें उन्हें आसानी से पढ़ सकें। जो कंपनियां इसमें पीछे रहेंगी, वे AI एजेंट की रिकमेंडेशन लिस्ट से पूरी तरह गायब हो सकती हैं।

विज्ञापन बजट में बड़ा बदलाव

निवेशकों के लिए यह ट्रेंड काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनियां अपना विज्ञापन बजट री-एलोकेट (Reallocate) कर रही हैं। पारंपरिक मार्केटिंग में रिटर्न-ऑन-एड-स्पेंड (ROAS) मापना आसान था, लेकिन AI की दुनिया में 'ब्लैक-बॉक्स' स्थिति बनी हुई है, जहाँ डायरेक्ट क्लिक मिलना मुश्किल है। आने वाले 18 महीनों में ई-कॉमर्स और रिटेल कंपनियां अपने बजट को पूरी तरह से एल्गोरिदम-आधारित डिस्कवरी मॉडल में ढालती दिखेंगी।

छोटे ब्रांड्स के लिए मौका, बड़े खिलाड़ियों के लिए चुनौती

भले ही बड़े ब्रांड्स के पास डेटा की कमी नहीं है, लेकिन AI-आधारित डिस्कवरी छोटे और चुस्त ब्रांड्स को एक नया प्लेटफॉर्म दे रही है। ये नए ब्रांड जनरेटिव AI का उपयोग करके कम लागत में बड़ी कंपनियों का मार्केट शेयर छीन रहे हैं। हालांकि, इसमें एक बड़ा रिस्क भी है—यदि कंपनियां अपने विज्ञापन खर्च का सही रिटर्न (ROI) नहीं माप पाईं, तो यह पूंजी की बर्बादी का कारण बन सकता है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनियों के खर्च और उनकी एडॉप्टेशन कैपेबिलिटी पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.