Indian Institute of Creative Technologies (IICT) ने FICCI FRAMES 2026 के दौरान 5 नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम भारत के क्रिएटिव-टेक और AVGC-XR सेक्टर को मजबूती देने के लिए उठाया गया है। निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि IICT एक नॉन-प्रॉफिट संस्थान है और शेयर बाजार में इसका कोई स्टॉक ट्रेड नहीं होता है।
मुंबई में आयोजित FICCI FRAMES 2026 समिट के दौरान Indian Institute of Creative Technologies (IICT) ने 5 रणनीतिक Memoranda of Understanding (MoUs) पर मुहर लगाई है। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य भारत में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) के इकोसिस्टम को एक नई दिशा देना है, ताकि शैक्षणिक ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच की खाई को भरा जा सके।
इंडस्ट्री के साथ नए साझेदारी के आयाम
इन समझौतों के तहत कई बड़े संस्थानों के साथ गठबंधन किया गया है:
- Motion Picture Association, India: छात्रों को ग्लोबल फिल्म और स्ट्रीमिंग प्रोडक्शन स्टैंडर्ड्स से जोड़ने के लिए करार।
- C-DIT (केरल): फैकल्टी ट्रेनिंग और स्टूडेंट इंटर्नशिप के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना।
- E-Sports Games Federation: प्रोफेशनल गेमिंग के लिए एक गवर्नेंस स्ट्रक्चर तैयार करना।
- RioWood: AI-आधारित प्रोडक्शन टूल्स की खोज के लिए सहयोग।
- Warm Up Ventures: क्रिएटिव-टेक स्टार्टअप्स के लिए एक एक्सिलरेशन प्रोग्राम की शुरुआत।
निवेशकों के लिए एक जरूरी स्पष्टीकरण
क्रिएटिव-टेक सेक्टर में बढ़ती हलचल को देखते हुए निवेशकों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि Indian Institute of Creative Technologies (IICT) एक गैर-लाभकारी (non-profit) शैक्षणिक संस्थान है। यह कोई पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी नहीं है। इस संस्था का नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कोई भी शेयर लिस्टेड नहीं है। AVGC-XR सेक्टर में निवेश के इच्छुक लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अकादमिक संस्थानों और लिस्टेड टेक्नोलॉजी कंपनियों के बीच का अंतर समझें और किसी भी निवेश से पहले कंपनी की लिस्टिंग स्टेटस की जांच जरूर कर लें।
