फैंस का जुनून, मैराथन शोइंग का क्रेज
दर्शकों का सिनेमा के प्रति जुनून एक बार फिर ज़ाहिर हो रहा है। कुछ जगहों पर तो फैंस चार घंटे तक चलने वाली फिल्मों को देखने के लिए अपने साथ स्नैक्स और नाइट सूट लेकर पहुंच रहे हैं। यह दिखाता है कि ये फिल्में अब सिर्फ़ मूवी नहीं, बल्कि एक 'इवेंट' बन गई हैं, जिसके लिए दर्शक घंटों बैठने को तैयार हैं। सोशल मीडिया पर भी इन फिल्मों की खूब चर्चा हो रही है।
कमाई के सारे रिकॉर्ड टूटे
कमाई के लिहाज़ से यह साल रिकॉर्ड तोड़ साबित हो रहा है। बड़ी फ्रेंचाइजी वाली फिल्में दुनिया भर में ₹3,000 करोड़ से ज़्यादा का कलेक्शन कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, कुछ फ़िल्में तो रिलीज़ के पहले हफ़्ते में ही ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई हैं। यह नज़ारा 1975 की ब्लॉकबस्टर 'शोले' की याद दिलाता है, जो पांच साल तक सिनेमाघरों में चली थी। इससे साफ है कि बड़ी 'ब्लॉकबस्टर' फिल्में एक बार फिर से भारतीय सिनेमा के लिए बड़े आर्थिक और सांस्कृतिक 'इंजन' के तौर पर वापसी कर रही हैं।