India Connected TV Audience 16.6 करोड़ के पार! Q1 2026 में 23% की बंपर ग्रोथ

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Connected TV Audience 16.6 करोड़ के पार! Q1 2026 में 23% की बंपर ग्रोथ

भारत में कनेक्टेड टीवी (CTV) का जलवा बढ़ गया है! Q1 2026 में ऐसे दर्शकों की संख्या **23%** बढ़कर **16.6 करोड़** (166 मिलियन) हो गई है। Kantar की रिपोर्ट के मुताबिक, अब **36%** दर्शक सिर्फ CTV पर ही कंटेंट देख रहे हैं, जिससे विज्ञापनदाताओं के बजट और मीडिया प्लानिंग में बड़ा बदलाव आ रहा है।

डिजिटल मनोरंजन में बड़ा बदलाव

भारत में डिजिटल मनोरंजन का क्रेज एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। Kantar की ताजा Media Compass रिपोर्ट बताती है कि Q1 2026 में कनेक्टेड टीवी (CTV) का इस्तेमाल करने वाले मासिक दर्शकों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 23% बढ़कर 16.6 करोड़ (166 मिलियन) पर पहुंच गई है।

CTV क्या है और क्यों है खास?

कनेक्टेड टीवी यानी वो टीवी जो इंटरनेट से जुड़े होते हैं और पारंपरिक केबल या सैटेलाइट के बजाय ऐप्स के जरिए कंटेंट स्ट्रीम करते हैं। यह विज्ञापन जगत के लिए बहुत बड़ी खबर है क्योंकि कुल CTV दर्शकों में से 59 मिलियन लोग, यानी 36% दर्शक, अब सिर्फ इन्हीं प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं। इसका मतलब है कि कंपनियां और एडवरटाइजिंग एजेंसियां सीधे उन करोड़ों ग्राहकों तक पहुंच सकती हैं जो अब पुराने लीनियर टीवी पर सक्रिय नहीं हैं।

छोटे शहरों तक पहुंची CTV की पहुंच

अब CTV देखने वालों का प्रोफाइल भी बदल रहा है। जहां 60% दर्शक NCCS A कैटेगरी (आमतौर पर अमीर ग्राहक) से आते हैं, वहीं अब यह सुविधा छोटे शहरों और गांवों तक भी फैल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, हर तीन में से एक CTV यूजर अब ग्रामीण इलाकों से है। जेंडर की बात करें तो 53% पुरुष और 47% महिलाएं दर्शक हैं। उम्र के हिसाब से 25 से 44 साल के लोग सबसे ज्यादा हैं, जो कुल दर्शक वर्ग का 46% हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की ग्रोथ

घर-घर तक इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से इस ट्रेंड को और बढ़ावा मिल रहा है। Kantar का एनालिसिस दिखाता है कि 46% CTV दर्शक पहले से ही ब्रॉडबैंड कनेक्शन इस्तेमाल कर रहे हैं। जैसे-जैसे देश में इंटरनेट का प्रसार बढ़ेगा, CTV अपनाने की गुंजाइश और भी बढ़ जाएगी। Kantar साउथ एशिया के डायरेक्टर पुणेत अवस्थी का कहना है कि इस तेजी से बदलते परिदृश्य के कारण ब्रांड्स को अपनी ऑडियंस टारगेटिंग की रणनीति पर फिर से सोचना पड़ रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

मीडिया और एडवरटाइजिंग सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए यह एक अहम बदलाव है। जो कंपनियां स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स, स्मार्ट टीवी मैन्युफैक्चरिंग या डिजिटल एडवरटाइजिंग से जुड़ी हैं, उन्हें इस दर्शक पलायन का सीधा फायदा मिल सकता है। हालांकि, यह पारंपरिक मीडिया कंपनियों के लिए एक चुनौती भी है जो लीनियर टीवी रेवेन्यू पर निर्भर हैं। अब देखना यह होगा कि आने वाली तिमाही नतीजों में एडवरटाइजिंग बजट पारंपरिक टीवी और कनेक्टेड प्लेटफॉर्म्स के बीच कैसे बंटता है। साथ ही, यह देखना भी अहम होगा कि भारतीय बाजार में काम कर रहे प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेयर्स के लिए यह ग्रोथ सब्सक्रिप्शन या विज्ञापन से होने वाली कमाई को कितना बढ़ाती है।

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