IPL फ्रेंचाइजी की वैल्यूएशन आसमान छू रही है, जिसका सीधा असर RPSG Ventures के शेयरों पर दिख रहा है। हाल की नीलामी में Royal Challengers Bengaluru और Rajasthan Royals जैसी टीमों का कलेक्टिव वैल्यूएशन $3 बिलियन से ऊपर जाने के बाद, निवेशकों का ध्यान RPSG Ventures की 51% हिस्सेदारी वाली लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) पर है। इस लीग की एंटरप्राइज वैल्यू $18.5 बिलियन तक पहुंच गई है, जबकि ब्रांड वैल्यू $3.9 बिलियन (2025) है। LSG की अपनी वैल्यूएशन में 34% से ज्यादा का इजाफा हुआ है।
इस उत्साह के चलते, RPSG Ventures का शेयर बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को इंट्राडे में ₹937.60 तक पहुंच गया, जो 17% से अधिक की बढ़ोतरी है। 25 मार्च 2026 से अब तक यह स्टॉक 56% से ज्यादा चढ़ चुका है, और 23 मार्च 2026 के 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹551.90 से करीब 70% बढ़ा है। दोपहर के कारोबार में ₹928.70 के आसपास ट्रेड करते हुए, 9.4 मिलियन से अधिक शेयर, करीब ₹861.64 करोड़ के वैल्यू के ट्रेड हुए।
हालांकि, इस चमकीले आईपीएल असेट (Asset) के पीछे कंपनी की ओवरऑल फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर डालना बेहद जरूरी है। RPSG Ventures का बिजनेस IT सर्विसेज, बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (BPM), FMCG, रियल एस्टेट और स्पोर्ट्स जैसे कई सेक्टर्स में फैला हुआ है।
वित्तीय नतीजों पर गौर करें तो, मार्च 2026 तक कंपनी का P/E रेश्यो निगेटिव है, जो पिछले बारह महीनों में लाभहीनता को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, Q3 FY26 के नतीजे ₹136.30 करोड़ के कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Net Loss) का खुलासा करते हैं, भले ही रेवेन्यू 15.6% बढ़कर ₹2,756.40 करोड़ हुआ था। इस घाटे में नए लेबर कोड से जुड़े कुछ एक्सेप्शनल चार्जेज (Exceptional Charges) भी शामिल थे। रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) भी लगातार निगेटिव या बहुत कम, करीब -2% से -3.5% रहा है।
कंपनी पर कर्ज का बोझ भी काफी ज्यादा है। इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) 135.45% है, जो बताता है कि कंपनी फंड्स के लिए उधार पर काफी निर्भर है। लगातार तिमाही घाटे और निगेटिव EPS (Earnings Per Share) के चलते, P/E जैसे पारंपरिक वैल्यूएशन मेट्रिक्स (Metrics) भरोसेमंद नहीं रह जाते।
इन सब चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स (Analysts) ने इस स्टॉक पर 'Strong Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹2,183.00 रखा है, जो मौजूदा स्तरों से काफी ऊपर है। यह ऑप्टिमिज्म (Optimism) IPL वैल्यूएशन में लगातार ग्रोथ पर आधारित लगता है, न कि कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में तत्काल सुधार पर।
RPSG Ventures का भविष्य काफी हद तक IPL की ग्रोथ से जुड़ा हुआ है। लीग का विस्तार और ग्लोबल इन्वेस्टर अपील लगातार वैल्यूएशन पोटेंशियल (Potential) को बढ़ा रही है। हालांकि, स्पोर्ट्स असेट से मिले प्रीमियम को बाकी डायवर्सिफाइड बिजनेस में सस्टेनेबल, प्रॉफिटेबल ग्रोथ में बदलना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी रहेंगी कि क्या LSG की स्टेक सेल से कंपनी कर्ज कम कर पाती है या ग्रोथ ला पाती है, या यह सिर्फ पेपर गेन्स (Paper Gains) को भुनाने का जरिया बनता है।