टीवी रेटिंग्स में भूचाल
BARC India और TAM Sports के आंकड़े बताते हैं कि IPL 2026 की लीनियर टीवी रेटिंग्स में पिछले साल की तुलना में 18.8% की बड़ी गिरावट आई है। औसत व्यूअरशिप 26% घटकर 7.84 मिलियन दर्शकों तक सीमित रह गई है, वहीं यूनिक व्यूअर्स में भी 8.3% की कमी आई है।
दर्शकों की बदलती आदतें
यह गिरावट मुख्य रूप से दर्शकों के डिजिटल स्ट्रीमिंग और कनेक्टेड टीवी (CTV) की ओर बढ़ते झुकाव का नतीजा है। लोग अभी भी स्पोर्ट्स देख रहे हैं, लेकिन पारंपरिक टेलीविजन पर बिताया जाने वाला समय कम हो गया है। शॉर्ट-फॉर्म डिजिटल कंटेंट भी दर्शकों का ध्यान खींच रहा है।
विज्ञापनदाताओं ने खींचे हाथ
IPL 2026 के टीवी प्रसारण पर विज्ञापन (Advertising) भी काफी धीमे पड़ गए हैं। ब्रांड्स की संख्या 31% गिरकर 45 रह गई, जो पिछले साल 65 से अधिक थी। करीब 44 ब्रांड्स ने इस साल प्रसारण से किनारा कर लिया, जबकि केवल 24 नए ब्रांड्स जुड़े। ई-गेमिंग कंपनियों पर लगी पाबंदियां, जो पहले बड़े विज्ञापनदाता थीं, भी इस गिरावट का एक कारण हैं।
डिजिटल पर वाच टाइम में जबरदस्त उछाल
दूसरी ओर, IPL 2026 के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर धूम मची हुई है। JioStar ने बताया कि सिर्फ ओपनिंग वीकेंड पर ही 515 मिलियन दर्शकों की कुल डिजिटल पहुंच दर्ज की गई। कुल वाच टाइम (Watch Time) में 32.6 बिलियन मिनट का भारी इजाफा हुआ है, जो दिखाता है कि लोग स्ट्रीमिंग के जरिए स्पोर्ट्स का उपभोग तेजी से बढ़ा रहे हैं।
भविष्य की मीडिया राइट्स पर असर
इन मिले-जुले रुझानों से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और मीडिया राइट्स धारकों के लिए एक जटिल स्थिति पैदा हो गई है। भले ही IPL का कुल वैल्यूएशन अभी भी ऊंचा है, लेकिन टीवी पर गिरती दर्शक संख्या 2027 के बाद होने वाली मीडिया राइट्स की बातचीत को और मुश्किल बना सकती है। उम्मीद है कि भविष्य के इन सौदों में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का हिस्सा बढ़ेगा।
