सरकार ने देश के लाइव इवेंट्स इंडस्ट्री को 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 'India Cine Hub' पोर्टल के जरिए लाइसेंसिंग नियमों को आसान बनाया जा रहा है, जिससे कंपनियों के मुनाफे और कामकाज की रफ्तार में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
भारत सरकार अब देश के असंगठित लाइव इवेंट्स सेक्टर को एक नई और व्यवस्थित दिशा देने की तैयारी में है। पिछले साल देश में 34,000 इवेंट्स हुए, जो कि सालाना आधार पर 44% की बड़ी बढ़त को दर्शाते हैं। इसी रफ्तार को देखते हुए मिनिस्ट्री ऑफ इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग ने Live Events Development Cell (LEDC) के साथ मिलकर 2030 तक इस सेक्टर का आर्थिक कद दोगुना करने का रोडमैप तैयार किया है।
नई व्यवस्था से आसान होगा कारोबार
इवेंट ऑर्गेनाइजर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग राज्यों और स्थानीय निकायों के पेचीदा लाइसेंसिंग नियम रहे हैं। इसे हल करने के लिए 'India Cine Hub' (ICH) पोर्टल लॉन्च किया गया है, जो एक सिंगल-विंडो सिस्टम के तौर पर काम करेगा। अब परमिट, पेमेंट और इंस्पेक्शन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। अक्टूबर 2026 तक 29 राज्यों और यूनियन टेरिटरीज ने इसके लिए नोडल ऑफिसर्स भी नियुक्त कर दिए हैं।
कंपनियों को क्या फायदा होगा?
इस डिजिटल बदलाव से कंपनियों का समय और लागत (compliance cost) दोनों कम होंगे, जिसका सीधा असर उनके मार्जिन्स पर दिखेगा। सरकार ने 'Model Executive Order, 2026' भी जारी किया है, जिसे महाराष्ट्र सहित 5 राज्यों ने पहले ही अपना लिया है।
चुनौतियां और आगे की राह
हालांकि, सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बाकी राज्य कितनी जल्दी इस सिस्टम को अपनाते हैं। इसके अलावा, म्यूजिक लाइसेंसिंग, पारदर्शी टैरिफ और GST के मुद्दों पर इंडस्ट्री अभी भी सरकार से समाधान की उम्मीद लगाए हुए है। अगर सरकार इवेंट वेन्यूज को 'इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस' देने का फैसला लेती है, तो इस सेक्टर को फाइनेंसिंग और Viability Gap Funding हासिल करना काफी आसान हो जाएगा। निवेशकों को अब राज्यों द्वारा पोर्टल को अपनाने की गति और जीएसटी जैसे बदलावों पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
