TV डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में बड़ा उलटफेर हुआ है। FY26 में GTPL Hathway ने **₹3,746.6 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज कर Tata Play के **₹3,530 करोड़** के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, ओटीटी (OTT) के बढ़ते दौर में यह सेक्टर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जहां कंपनी की सफलता अब उसके **₹1,000 करोड़** के नए एक्सपेंशन प्लान पर टिकी है।
टीवी डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, GTPL Hathway ने रेवेन्यू के मामले में Tata Play को पछाड़कर टॉप पोजीशन हासिल कर ली है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि GTPL का सब्सक्राइबर बेस Tata Play के DTH नेटवर्क के मुकाबले काफी कम है, जो कंपनी की परिचालन दक्षता (Operational reach) को दर्शाता है।
सेक्टर के सामने चुनौतियां
भले ही रेवेन्यू में ग्रोथ हुई हो, लेकिन यह टीवी सेक्टर के अच्छे दिन आने का संकेत नहीं है। ओटीटी और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता के कारण पारंपरिक टीवी के सब्सक्राइबर्स लगातार कम हो रहे हैं। इस सिकुड़ते बाजार में कंपनियों को ग्राहक बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर मुनाफे पर दिख रहा है।
GTPL की आगे की रणनीति
GTPL Hathway अब अपने बॉटम लाइन को सुधारने के लिए अगले 3 साल में ₹1,000 करोड़ का बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर EBITDA मार्जिन को 23-25% के दायरे में वापस लाना है।
वहीं दूसरी तरफ, Tata Play के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कंपनी ने FY26 में ₹551 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के ₹529 करोड़ के नुकसान से कहीं ज्यादा है।
आगे क्या रहेगा नजर में?
निवेशकों के लिए मैनेजमेंट में बदलाव एक बड़ा इवेंट है। कंपनी के CFO सौरभ बनर्जी 30 सितंबर, 2026 को रिटायर हो रहे हैं। साथ ही, बाजार की नजर इस पर भी रहेगी कि ACT Group से अधिग्रहित की गई एसेट्स कंपनी की बैलेंस शीट को कैसे प्रभावित करती हैं। निवेशकों को अब कंपनी के मार्जिन ट्रेंड और ग्राहकों के छोड़ने की दर (Churn rate) पर कड़ी नजर रखनी होगी।
