GTPL Hathway ने अपने सेट-टॉप बॉक्स के जरिए 'Return Path Data' (RPD) आधारित नया व्यूअरशिप ट्रैकिंग सिस्टम लॉन्च किया है। फिलहाल यह **10,000** घरों में एक्टिव है, जिसका मकसद विज्ञापनों के लिए सटीक डेटा मुहैया कराना है।
तकनीक का पूरा गणित
GTPL Hathway ने टीवी व्यूअरशिप को मापने का नया तरीका निकाला है। यह सिस्टम सीधे कंपनी के सेट-टॉप बॉक्स से डेटा जुटाता है, जिससे यह पता चलता है कि दर्शक असल में क्या देख रहे हैं। फिलहाल यह सुविधा 3,000 पिन कोड्स में फैले 10,000 घरों में काम कर रही है, और कंपनी आने वाले महीनों में इसे 50,000 घरों तक ले जाने की तैयारी में है।
विज्ञापन मॉडल में बदलाव
कंपनी अब पारंपरिक रेटिंग के बजाय CPM (Cost-Per-Thousand-Impressions) मॉडल पर दांव लगा रही है। यह वही तकनीक है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करते हैं, जहां विज्ञापनदाता सिर्फ उन्हीं लोगों के पैसे देते हैं जो वास्तव में विज्ञापन देखते हैं। इसका फायदा यह होगा कि एडवर्टाइजर्स को ज्यादा पारदर्शी डेटा मिलेगा, जो कंपनी की कमाई के नए रास्ते खोल सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि यह कदम रेवेन्यू बढ़ाने के लिए एक अच्छा प्रयास है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। केबल टीवी सेक्टर पर बढ़ते स्ट्रीमिंग सर्विसेज के दबाव के बीच, इस नई तकनीक की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बड़े ब्रांड्स इस डेटा पर कितना भरोसा जताते हैं। साथ ही, डेटा प्राइवेसी और टेक्नोलॉजी पर होने वाला भारी खर्च कंपनी के शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकता है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या यह नया मॉडल केबल सब्सक्रिप्शन में हो रही कमी की भरपाई कर पाएगा।
