U.S. Department of Justice (DOJ) ने Fox Corporation द्वारा Roku के **$22 बिलियन** के अधिग्रहण की गहन जांच शुरू कर दी है। एक 'सेकंड रिक्वेस्ट' जारी होने से डील का समय बढ़ गया है, जिसके चलते दोनों कंपनियों के शेयरों में बुधवार को **1.5%** से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
एंटीट्रस्ट जांच का दायरा
अमेरिकी नियामकों द्वारा 'सेकंड रिक्वेस्ट' जारी करना यह साफ करता है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। DOJ मुख्य रूप से इस बात की जांच कर रहा है कि क्या एक बड़ा मीडिया कंटेंट प्रोड्यूसर (Fox) और एक डोमिनेंट स्ट्रीमिंग डिस्ट्रीब्यूटर (Roku) का विलय, छोटे प्रतिद्वंद्वियों के लिए नुकसानदेह साबित होगा। अधिकारियों को डर है कि कहीं Fox अपनी पहुंच का गलत फायदा उठाकर Roku के होम स्क्रीन पर अपने कंटेंट को प्रमोट न करे या डेटा का दुरुपयोग न करे।
आर्थिक चुनौतियों का बोझ
निवेशकों की नजरें अब इस डील की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर टिकी हैं। Fox इस अधिग्रहण के लिए $12 बिलियन का नया कर्ज लेने की तैयारी में है। इससे कंपनी का नेट लेवरेज बढ़कर कमाई का 2.8 गुना हो जाएगा। हालांकि कंपनी इन्वेस्टमेंट-ग्रेड क्रेडिट रेटिंग बनाए रखने का दावा कर रही है, लेकिन भारी कर्ज के कारण बिजनेस इंटीग्रेशन के दौरान लचीलापन कम होने का खतरा है। साथ ही, डील का 40% हिस्सा स्टॉक ट्रांजैक्शन से जुड़ा होने के कारण मौजूदा शेयरधारकों को 'शेयर डाइल्यूशन' की चिंता भी सता रही है।
डील का भविष्य और डेडलाइन
अब यह डील तब तक पूरी नहीं हो सकती जब तक कंपनियां DOJ की सभी शर्तों को पूरा नहीं कर लेतीं। हालांकि कंपनी 2027 की पहली छमाही तक सौदा पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, लेकिन नियमों की सख्ती के कारण इसमें देरी तय मानी जा रही है। अगर DOJ ने कड़े फैसले लिए, तो कंपनी को अपने कुछ ऑपरेशंस को बेचना पड़ सकता है या फिर कड़ी शर्तों के साथ काम करना होगा।
