Fifa Final: देर रात तक खुली रहेंगी होटल, रेस्टोरेंट! हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कमाई में बंपर उछाल का अनुमान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Fifa Final: देर रात तक खुली रहेंगी होटल, रेस्टोरेंट! हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कमाई में बंपर उछाल का अनुमान

Fifa World Cup Final के मद्देनजर भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर (Hospitality Sector) बड़ी कमाई की उम्मीद कर रहा है। कई राज्य सरकारों ने इस खास मौके पर रेस्टोरेंट, बार और फूड डिलीवरी सेवाओं के लिए नाइट टाइम परमिट (Night Permit) को बढ़ा दिया है। इस फैसले से उम्मीद है कि आमतौर पर शांत रहने वाली रात की घड़ियों में भी अच्छी बिक्री होगी।

देर रात तक खुलेंगे प्रतिष्ठान

Fifa World Cup Final की वजह से भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जबरदस्त हलचल है। रेस्टोरेंट, बार और डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स देर रात होने वाले इस महामुकाबले के लिए तैयार हैं। इस मांग को पूरा करने के लिए कई राज्य प्रशासनों ने संचालन नियमों में ढील दी है। दिल्ली में लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों को सुबह 4 बजे तक खुला रखने की इजाजत मिली है, जबकि तेलंगाना में समय सीमा को सुबह 3 बजे तक बढ़ाया गया है। इससे ये जगहें मैच की लाइव स्क्रीनिंग कर सकेंगी और ग्राहकों को सेवा दे सकेंगी।

कमाई और डिलीवरी पर असर

उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि यह उन समयों में कमाई करने का एक बड़ा मौका है जब आमतौर पर कारोबार धीमा रहता है। Wow! Momo जैसी फूड सर्विस कंपनियों को उम्मीद है कि डाइन-इन ग्राहकों और डिलीवरी ऑर्डर दोनों की वजह से देर रात की बिक्री में 28-30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसी तरह, छोटे फूड डिलीवरी ब्रांड्स को भी सामान्य रविवार की तुलना में ऑर्डर में 30-40% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। घर पर मैच देखने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, पार्टी पैक्स और थोक ऑर्डर की मांग बढ़ सकती है, जिससे डिलीवरी सेवाओं के लिए ट्रांजेक्शन वैल्यू (Transaction Value) में इजाफा होगा।

सेक्टर के लिए फायदेमंद

हालांकि भारत में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है और IPL जैसे इवेंट्स के दौरान इसकी बिक्री अपने चरम पर होती है, Fifa World Cup Final भी छोटी अवधि के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। The Beer Café और BeeYoung जैसे ब्रांड्स को उम्मीद है कि यह इवेंट उनके मासिक रेवेन्यू (Monthly Revenue) में एक खास प्रतिशत की बढ़ोतरी लाएगा। रेस्टोरेंट के अलावा, इस गतिविधि का असर ट्रांसपोर्टेशन, राइड-हेलिंग सेवाओं और लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स (Logistics Providers) जैसे संबंधित सेक्टरों पर भी पड़ेगा, जिन्हें असामान्य घंटों में लोगों और सामानों की आवाजाही से फायदा होगा। इससे सरकार को GST कलेक्शन (GST Collection) में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

प्रदर्शन और जोखिमों पर नजर

निवेशकों की मुख्य नजर इस बात पर होगी कि कंपनियां बढ़ी हुई समयावधि से जुड़े ऑपरेशनल खर्चों, जैसे अतिरिक्त स्टाफ और बिजली-पानी के बिल, को कितनी प्रभावी ढंग से मैनेज कर पाती हैं। हालांकि यह सेल्स ग्रोथ (Same-store sales growth) को थोड़ी देर के लिए बढ़ाता है, लेकिन यह बिजनेस मॉडल में कोई स्थायी बदलाव नहीं है। निवेशक अक्सर यह देखते हैं कि हॉस्पिटैलिटी चेन (Hospitality Chains) इन हाई-ट्रैफिक इवेंट्स को रिपीट कस्टमर्स (Repeat Customers) में कितनी अच्छी तरह बदल पाती हैं। इन कंपनियों के भविष्य के अपडेट्स से पता चलेगा कि क्या नियमों में यह अस्थायी ढील स्थायी ऑपरेशनल सुधार लाएगी या यह सिर्फ खास खेल आयोजनों तक ही सीमित रहेगी। ज्यादा वॉल्यूम वाले समय में प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) बनाए रखने की कंपनियों की क्षमता, साथ ही ऑपरेशन को स्केल (Scale Operations) करने की लागतों को संतुलित करना, हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए मुख्य निगरानी बिंदु बने रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.