यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (ETPL) ने अपने पहले सीज़न के लिए JioStar, TNT Sports जैसे बड़े ब्रॉडकास्टर्स के साथ हाथ मिलाया है। इस लीग के मैच **26 अगस्त से 20 सितंबर** तक खेले जाएंगे।
यूरोपियन T20 लीग के ग्लोबल ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स
यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (ETPL) ने अपने पहले सीज़न से पहले कई देशों में बड़े ब्रॉडकास्टिंग पार्टनर्स का ऐलान किया है। भारत में दर्शक इस लीग के मैच JioStar पर देख पाएंगे। वहीं, यूके और आयरलैंड के लिए TNT Sports, डिजिटल स्ट्रीमिंग के लिए HBO Max, और उत्तरी अमेरिका, मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया के बाजारों के लिए Willow और Cricbuzz जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मैच दिखाए जाएंगे।
लीग का स्ट्रक्चर और बिजनेस की दुनिया
यह टूर्नामेंट 26 अगस्त से 20 सितंबर तक चलेगा, जिसमें छह शहरों की फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। ETPL का मकसद यूरोपियन क्रिकेट को ग्लोबल मार्केट से जोड़ना है। बड़े ब्रॉडकास्टर्स के साथ जुड़ने से इस खेल को उन जगहों पर भी स्थापित करने की कोशिश की जा रही है, जहां क्रिकेट का क्रेज भारत, ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसा नहीं है।
बिजनेस के नज़रिए से, इस लीग ने कई पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटरों को आकर्षित किया है, जो ओनर या सलाहकार के तौर पर जुड़े हैं। इनमें राहुल द्रविड़, स्टीव वॉ और जोंटी रोड्स जैसे नाम शामिल हैं। ऐसे दिग्गजों का जुड़ना लीग की मार्केटिंग और स्पॉन्सरशिप बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।
ग्रोथ और एग्जीक्यूशन के रिस्क
निवेशकों और हितधारकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस विस्तार योजना को सफलतापूर्वक लागू करना है। ब्रॉडकास्टिंग डील से पहचान तो मिल जाएगी, लेकिन ETPL की लॉन्ग-टर्म सफलता दर्शकों की लगातार रुचि और फ्रेंचाइजी की वैल्यू पर निर्भर करेगी। इससे पहले भी T20 फॉर्मेट को गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में लाने के प्रयास हुए हैं, लेकिन उन्हें लोकल फैन बेस बनाने और लगातार रेवेन्यू जेनरेट करने में दिक्कतें आई हैं।
फिलहाल, लीग प्लेयर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में है। जो खिलाड़ी इसमें शामिल होंगे, वे टूर्नामेंट की लोकप्रियता तय करेंगे। यूरोप के उभरते खिलाड़ियों के साथ इंटरनेशनल स्टार्स पर निर्भरता, कमर्शियल हितों और स्थानीय क्रिकेट को बढ़ावा देने के लक्ष्य के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश है।
आने वाले समय में प्लेयर ड्राफ्ट और टीमों की फाइनल लिस्ट से लीग के कॉम्पिटिटिव लेवल का अंदाज़ा लगेगा। मार्केट एक्सपर्ट्स अगस्त-सितंबर के दौरान वास्तविक व्यूअरशिप पर भी नज़र रखेंगे, ताकि यह समझा जा सके कि ब्रॉडकास्ट पार्टनरशिप से कितना जुड़ाव पैदा होता है, जो भविष्य में मीडिया राइट्स की वैल्यू को सही ठहरा सके।
