The Walt Disney Company ने अपने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Disney+ और Hulu की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी का फोकस अब सब्सक्राइबर बेस बढ़ाने के बजाय मुनाफे (Profitability) पर है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
नई कीमतें और रणनीति
Disney ने स्ट्रीमिंग कारोबार को मुनाफे में बदलने के लिए सब्सक्रिप्शन शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी की है। नई कीमतों के अनुसार, Disney+ और Hulu का एड-फ्री बंडल अब $21.99 प्रति माह होगा। वहीं, दोनों प्लेटफॉर्म्स के स्टैंडअलोन एड-फ्री प्लान $21.49 और एड-सपोर्टेड टियर्स अब $12.49 के होंगे। यह कम समय में की गई दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जो साफ दिखाती है कि कंपनी अब अपने स्ट्रीमिंग डिवीजन को एक 'प्रॉफिट इंजन' बनाना चाहती है।
ग्रोथ से मुनाफे की ओर
पहले स्ट्रीमिंग कंपनियां सिर्फ नए यूजर जोड़ने पर जोर देती थीं, लेकिन अब Disney अपनी रणनीति बदल चुकी है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) बढ़ाना है। हाल ही में मनोरंजन स्ट्रीमिंग सेगमेंट में 11% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ देखी गई है, जो $5.5 बिलियन के स्तर पर पहुंच गई है। यह बताता है कि पिछली बढ़ोतरी के बाद भी यूजर बेस पर अभी तक कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और जोखिम
आज के समय में Netflix, Apple TV और Peacock जैसे प्लेयर्स भी लगातार कीमतें बढ़ा रहे हैं। इस वजह से 'सब्सक्रिप्शन फटीग' का माहौल बन रहा है, जहां ग्राहक चुनिंदा सेवाओं को ही चुन रहे हैं। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क 'चर्न रेट' (Churn Rate) यानी ग्राहकों के प्लेटफॉर्म छोड़ने की दर है। इसे काबू में रखने के लिए Disney कम कीमत वाले एड-सपोर्टेड ऑप्शन पर दांव लगा रही है।
आगे क्या देखें?
कंपनी अब YouTube और Tubi को टक्कर देने के लिए फ्री एड-सपोर्टेड टियर पर भी विचार कर रही है। साथ ही, स्ट्रीमिंग बिजनेस के लिए पहले चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के तौर पर Karandeep Anand की नियुक्ति यह बताती है कि कंपनी ऐप एक्सपीरियंस बेहतर करने पर जोर दे रही है। अगली तिमाही के नतीजों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये बढ़ी हुई कीमतें मार्जिन को बेहतर कर पा रही हैं या नहीं।
