लगातार गिरते रेवेन्यू और बदलते बाजार के बीच Dish TV ने अब अपना बिजनेस मॉडल पूरी तरह बदलने का फैसला किया है। कंपनी अब DTH से हटकर VZY और Watcho जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और स्मार्ट स्क्रीन्स की ओर रुख कर रही है, क्योंकि FY26 में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹807.36 करोड़** पर पहुंच गया है।
भारत के DTH सेक्टर के दिग्गज नाम Dish TV के सामने अब अस्तित्व बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। कंपनी का पारंपरिक ब्रॉडकास्टिंग बिजनेस भारी दबाव में है और FY26 में रेवेन्यू 25.84% घटकर ₹1,162.61 करोड़ रह गया है। यह गिरावट साफ तौर पर इशारा करती है कि दर्शक अब सैटेलाइट टीवी छोड़कर OTT प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट स्ट्रीमिंग की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं।
नई रणनीति: स्मार्ट स्क्रीन का सहारा
इस मुश्किल दौर से निपटने के लिए कंपनी ने 'स्मार्ट-स्क्रीन एंटरटेनमेंट प्रोवाइडर' बनने का रास्ता चुना है। इनकी 'VZY' स्मार्ट टीवी रेंज ने ₹100 करोड़ की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी का मकसद ऐसे डिवाइस बनाना है जो पारंपरिक ब्रॉडकास्ट और डिजिटल स्ट्रीमिंग दोनों को जोड़ सकें। इसके साथ ही, 'Watcho' प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
कमाई और खर्च का गणित
विविधता लाने के लिए कंपनी ने 'ShopZop' नाम से ई-कॉमर्स में कदम रखा है और C21 Media के साथ मिलकर एक कंटेंट मार्केटप्लेस भी तैयार किया है। हालांकि, वित्तीय मोर्चे पर स्थिति अभी भी चिंताजनक है। कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹487.66 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹807.36 करोड़ हो गया है। सबसे बड़ी चिंता का विषय ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी है, जहाँ EBITDA ₹529.08 करोड़ के मुनाफे से गिरकर ₹6.88 करोड़ के घाटे में तब्दील हो गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
सितंबर 2026 तक कंपनी का शेयर लगभग ₹2.50 के आसपास ट्रेड कर रहा है। टर्नअराउंड की राह आसान नहीं है, क्योंकि DTH मॉडल से डिजिटल मॉडल में शिफ्ट होने के लिए भारी इन्वेस्टमेंट की जरूरत है, जबकि कंपनी खुद घाटे में चल रही है। इसके अलावा, OTT सेक्टर के बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला और पुराने कानूनी विवाद भी कंपनी के भविष्य पर सवाल खड़े करते हैं। आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि क्या नए वेंचर्स कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को पटरी पर ला पाएंगे या नहीं।
