शेयर में दिखी तूफानी तेजी, पर नतीजों ने किया निराश
Delta Corp के तिमाही नतीजे बेहद निराशाजनक रहे। कंपनी ने चौथी तिमाही में 89% की भारी गिरावट के साथ ₹16.45 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹164.5 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 11.7% की गिरावट आई, जो ₹182.7 करोड़ से घटकर ₹161.3 करोड़ रह गया। मुनाफे में यह भारी गिरावट कम रेवेन्यू और सिकुड़ते प्रॉफिट मार्जिन का नतीजा है, जो कंपनी के कमजोर बिजनेस परफॉरमेंस की ओर साफ इशारा कर रहा है। इसके बावजूद, शेयर में आई तेजी बता रही है कि निवेशकों का ध्यान कंपनी के बिजनेस परफॉर्मेंस से हटकर बाहरी कारकों, खासकर कानूनी दांव-पेच के संभावित समाधान पर है।
₹1,752 करोड़ का GST टैक्स डिमांड और सुप्रीम कोर्ट की उम्मीद
Delta Corp और उसकी एक सहायक कंपनी को गोवा सरकार से ₹1,752 करोड़ का GST (Goods and Services Tax) डिमांड नोटिस मिला है। यह नोटिस फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए GST की कथित अंडरपेमेंट से जुड़ा है। खास बात यह है कि यह डिमांड पूरी बेट वैल्यू पर GST लगाने पर आधारित है, जिसे Delta Corp गलत मानता है और उसने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह मुद्दा पूरे गेमिंग सेक्टर के लिए बड़ा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी इसी तरह की GST डिमांड्स पर रोक लगाई है, लेकिन इस मौजूदा डिमांड पर फैसला अभी आना बाकी है। इसी उम्मीद के सहारे निवेशक मौजूदा गिरावट में खरीदारी कर रहे हैं।
कंपनी की पोजीशन और सेक्टर का संदर्भ
Delta Corp भारत की एकमात्र पब्लिकली लिस्टेड फर्म है जो रेगुलेटेड गेमिंग और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में है और गोवा में इसका बड़ा मार्केट शेयर है। कंपनी पर फिलहाल कोई कर्ज नहीं है। यह स्थिति उसे एक मजबूत आधार देती है। लेकिन, ₹1,752 करोड़ की यह बड़ी टैक्स डिमांड कंपनी की मजबूत पोजीशन के बावजूद एक बड़ा खतरा बनी हुई है, जो उसके मौजूदा मार्केट वैल्यू (लगभग ₹1,800-₹1,900 करोड़ अप्रैल 2026 तक) से भी ज्यादा है। कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर टैक्स का दबाव साफ दिख रहा है, और सुप्रीम कोर्ट का फैसला Delta Corp के फाइनेंस पर गंभीर असर डाल सकता है। इसी वजह से मौजूदा बाजार की तेजी को जल्दबाजी माना जा रहा है। कंपनी ने इस GST विवाद के कारण गोवा में एक बड़े रिजॉर्ट प्रोजेक्ट का निर्माण भी रोक दिया है।
भविष्य SC के फैसले पर निर्भर
Delta Corp का भविष्य काफी हद तक इन बड़े टैक्स मुद्दों के समाधान पर निर्भर करता है। भारत के तेजी से बढ़ते गेमिंग मार्केट (जो 2034 तक USD 16.72 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है) में कंपनी की स्थिति अहम है। लेकिन, इसके कानूनी दांव-पेंच और रेगुलेटरी माहौल में बदलाव, जैसे कि ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के नए नियम, बड़ी चुनौतियां पेश कर रहे हैं। निवेशकों का भरोसा सुप्रीम कोर्ट के GST विवाद पर आने वाले फैसले पर टिका रहेगा, क्योंकि यही फैसला इसके मुख्य कैसीनो बिजनेस के वित्तीय भविष्य को तय करेगा।
