'एन इनिया पोन निलाव' गाने पर कॉपीराइट विवाद का निपटारा
दिल्ली हाई कोर्ट ने मशहूर संगीतकार इलियाराजा की 'एन इनिया पोन निलाव' गाने के कॉपीराइट को लेकर दायर अपील को खारिज कर दिया है। कोर्ट की डिविजन बेंच ने साफ कर दिया है कि इलियाराजा के पास इस सदाबहार गाने के बोल (lyrics) या साउंड रिकॉर्डिंग (sound recording) पर कोई कॉपीराइट नहीं है। इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि कॉपीराइट एक्ट के तहत, "म्यूजिकल वर्क" (musical work) का मतलब सिर्फ संगीत रचना से है, जिसमें बोल और रिकॉर्डिंग शामिल नहीं हैं।
निर्माता का Saregama को अधिकार सौंपना मान्य
कोर्ट ने माना कि "मूदु पनी" (Moodu Pani) फिल्म, जिसमें यह गाना मूल रूप से इस्तेमाल हुआ था, उसके कॉपीराइट फिल्म निर्माता, राजा सिने आर्ट्स (Raja Cine Arts) के पास थे। इस निर्माता ने पहले ही Saregama India Limited को सभी अधिकार सौंप दिए थे, जो इस कानूनी विवाद का मुख्य बिंदु था। Saregama ने जनवरी 2025 में Vels Films International के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी, जब वे Vels Films की फिल्म "अगाथिया" (Aghathiyaa) में गाने का रीक्रिएटेड वर्जन इस्तेमाल करने की योजना बना रहे थे।
Vels Films का दावा था कि उन्होंने इलियाराजा से गाने के रीमेक के लिए लाइसेंस लिया है। हालांकि, इससे पहले सिंगल जज बेंच ने इस दावे को खारिज कर दिया था, क्योंकि Saregama के पास निर्माता द्वारा अधिकार सौंपे जाने के कारण उनके मालिकाना हक का मजबूत पक्ष था। सिंगल जज ने यह भी बताया था कि इलियाराजा गीतकार नहीं थे, इसलिए वे गानों के बोल से जुड़े अधिकार नहीं सौंप सकते थे।
संगीत के अधिकार और रॉयल्टी पर प्रभाव
यह फैसला इस सिद्धांत को मजबूत करता है कि फिल्मों में कॉपीराइट का मालिकाना हक साउंड रिकॉर्डिंग तक फैला होता है और यह आमतौर पर निर्माता के पास होता है। कोर्ट की व्याख्या, कॉपीराइट एक्ट की धारा 2(p) के अनुसार, "म्यूजिकल वर्क" की परिभाषा को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतर बताती है - संगीत रचना और बोल व रिकॉर्डेड परफॉर्मेंस जैसे उससे जुड़े तत्व। इससे भारतीय संगीत उद्योग में री-रिकॉर्डिंग और रीमेक के लिए भविष्य की रॉयल्टी वितरण और लाइसेंसिंग वार्ताओं पर असर पड़ सकता है। Saregama का "मूदु पनी" से जुड़े साउंड रिकॉर्डिंग और साहित्यिक कार्यों पर मालिकाना हक, जो 1980 के समझौते पर आधारित था, अब मान्य हो गया है। इसका मतलब है कि भविष्य में मूल साउंड रिकॉर्डिंग या बोल का कोई भी उपयोग Saregama की सहमति से ही होगा, जिससे म्यूजिक लेबल के लिए नए लाइसेंसिंग समझौते और आय के रास्ते खुल सकते हैं। यह फैसला फिल्म और संगीत निर्माण में स्पष्ट अनुबंध समझौतों के महत्व को भी रेखांकित करता है।
