Connected TV: भारत में 16.6 करोड़ दर्शक स्ट्रीम कर रहे, विज्ञापनदाताओं के लिए नया मौका!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Connected TV: भारत में 16.6 करोड़ दर्शक स्ट्रीम कर रहे, विज्ञापनदाताओं के लिए नया मौका!

भारत में टेलीविज़न देखने का तरीका तेज़ी से बदल रहा है। Connected TV (CTV) का इस्तेमाल करने वाले दर्शकों की संख्या पहली तिमाही 2026 में 23% बढ़कर 16.6 करोड़ मासिक यूज़र्स तक पहुँच गई है। ख़ास बात यह है कि अब 5.9 करोड़ दर्शक केवल स्ट्रीमिंग से ही कंटेंट देख रहे हैं, पारंपरिक टीवी को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ करते हुए।

सिर्फ स्ट्रीमिंग पर 5.9 करोड़ दर्शक!

Kantar Media Compass की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में Connected TV (CTV) का क्रेज़ बढ़ता ही जा रहा है। पहली तिमाही 2026 में, हर महीने CTV देखने वाले दर्शकों की संख्या 16.6 करोड़ पर पहुँच गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23% ज़्यादा है।

इस रिपोर्ट का सबसे अहम खुलासा यह है कि 5.9 करोड़ भारतीय अब केवल CTV पर ही कंटेंट देख रहे हैं, पारंपरिक लीनियर टीवी (Linear TV) पूरी तरह से छोड़ चुके हैं। ये दर्शक कुल CTV ऑडियंस का एक तिहाई हिस्सा हैं। इसका मतलब है कि जो कंपनियां केवल पारंपरिक टीवी विज्ञापनों पर निर्भर हैं, वे इस बड़े दर्शक वर्ग तक पहुँच ही नहीं पा रही हैं।

बदलती ऑडियंस, नए अवसर

शुरुआत में CTV को केवल अमीर शहरी लोगों का प्रोडक्ट माना जाता था, लेकिन अब यह ज़्यादातर लोगों तक पहुँच चुका है। हालांकि 60% दर्शक अभी भी NCCS A कैटेगरी (उच्च सामाजिक-आर्थिक वर्ग) से हैं, पर अब यह बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। हर तीन में से एक CTV दर्शक अब ग्रामीण इलाकों से है।

लिंग के लिहाज़ से भी यह ऑडियंस काफी संतुलित है, जिसमें 53% पुरुष और 47% महिलाएं शामिल हैं। 25-44 आयु वर्ग के दर्शक कुल दर्शकों के लगभग आधे हैं। इस वजह से ऑटोमोटिव, फाइनेंशियल सर्विसेज़, इलेक्ट्रॉनिक्स और FMCG (Fast-Moving Consumer Goods) जैसे सेक्टर की कंपनियों के लिए यह एक बड़ा विज्ञापन मंच बन गया है।

इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाएगा ग्रोथ

CTV बाज़ार का विकास सीधे तौर पर इंटरनेट कनेक्टिविटी पर निर्भर करता है। फिलहाल, भारत में केवल 46% CTV घरों में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन (Fixed Broadband Connection) है। जैसे-जैसे इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा और डेटा की कीमतें कम रहेंगी, पारंपरिक टीवी से स्ट्रीमिंग की ओर यह बदलाव और तेज़ी पकड़ेगा। निवेशकों के लिए यह देखना होगा कि मीडिया कंपनियां और कंज्यूमर ब्रांड्स इस बदलाव का कितना फायदा उठा पाते हैं।

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