IPL फ्रेंचाइजी की दुनिया में इन दिनों खूब रौनक है। हाल ही में Royal Challengers Bengaluru (RCB) को $1.78 बिलियन और Rajasthan Royals (RR) को $1.63 बिलियन जैसी रिकॉर्ड कीमतों पर खरीदा गया है। इन बड़ी डील्स का असर Chennai Super Kings (CSK) के अनलिस्टेड शेयरों पर भी दिखा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो मार्च की शुरुआत में ₹225–₹240 के स्तर पर ट्रेड कर रहे CSK के शेयर ₹300–₹335 तक पहुंच गए, जो एक महीने से भी कम समय में 25% से 40% की बड़ी बढ़ोतरी है। यह पिछले 52 हफ्तों के निचले स्तर ₹174 से दोगुना है।
CSK का मार्केट कैप लगभग ₹12,710 करोड़ के पार पहुंच गया है। हालांकि, इंडस्ट्री वॉचर्स का मानना है कि यह शेयर अभी भी अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में लगभग 30% के बड़े डिस्काउंट पर मिल रहा है। Wealth Wisdom India के कृष्णा पटवारी का अनुमान है कि RCB के हालिया वैल्यूएशन के मुकाबले CSK का वैल्यूएशन कम है।
यह डिस्काउंट इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि CSK का फाइनेंशियल परफॉरमेंस काफी मजबूत है। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए, फ्रेंचाइजी ने ₹643 करोड़ का रेवेन्यू और ₹180 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो RCB के लगभग ₹504 करोड़ के रेवेन्यू से बेहतर है। जानकारों के मुताबिक, India Cements से अलग होने के बाद CSK का मालिकाना हक बिखरा हुआ है। किसी एक बड़े प्रमोटर की स्पष्ट रणनीति या शेयर बेचने की साफ योजना न होने के कारण इसका वैल्यूएशन उम्मीद से कम है।
इस सकारात्मक माहौल का असर दूसरी लिस्टेड कंपनियों पर भी दिख रहा है। Sun TV Network, जो Sunrisers Hyderabad की मालिक है, के शेयर इस हफ्ते 5.4% चढ़े हैं। वहीं, Lucknow Super Giants की मालिक RPSG Ventures Limited के शेयर 20% बढ़कर अपर सर्किट पर पहुंच गए। IPL मीडिया राइट्स के $6.2 बिलियन के बड़े सौदे ने खेल और मनोरंजन सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
हालांकि, अनलिस्टेड मार्केट की अपनी चुनौतियां हैं। CSK के बिखरे हुए मालिकाना हक को एक बड़ी बाधा माना जा रहा है, जो स्ट्रैटेजिक फैसलों में देरी कर सकता है। इसके अलावा, अनलिस्टेड शेयर बाज़ार में लिक्विडिटी (Liquidity) कम होती है, जिससे शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखा जाता है। मौजूदा कीमतें भविष्य की उम्मीदों पर आधारित लग रही हैं, जो वर्तमान मुनाफे से ज्यादा हैं।
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि क्या CSK अपनी मालिकाना हक की जटिलताओं को दूर कर अपने वैल्यूएशन गैप को पाट पाएगा, खासकर जब IPL फ्रेंचाइजी की मांग लगातार बढ़ रही है।