बजट 2026: 'क्रिएटर इकोनॉमी' को बड़ा सहारा, युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
बजट 2026: 'क्रिएटर इकोनॉमी' को बड़ा सहारा, युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते!
Overview

भारत के यूनियन बजट 2026 ने देश की तेजी से बढ़ती 'क्रिएटर इकोनॉमी' को बड़ा सहारा देने की घोषणा की है। हालांकि बजट में सीधे तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन स्कूलों और कॉलेजों में AVGC (एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स) ट्रेनिंग, 'नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड' और डिजाइन संस्थानों के विस्तार जैसी पहलों से क्रिएटर्स के लिए प्रतिभाओं का एक बड़ा पूल तैयार किया जाएगा। इससे डिजिटल स्टोरीटेलिंग, ट्रैवल और विज़ुअल ब्रांडिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले क्रिएटर्स को नए अवसर मिलने की संभावना है। वहीं, 2026 से इंपोर्टेड हार्डवेयर पर कस्टम छूट हटने के कारण क्रिएटर्स के लिए उपकरणों की लागत बढ़ सकती है।

बजट 2026 से 'क्रिएटर इकोनॉमी' को मिलेगी नई उड़ान

यूनियन बजट 2026, भले ही सीधे तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को संबोधित न करे, लेकिन इसने भारत की 'क्रिएटर इकोनॉमी' के लिए एक मज़बूत भविष्य की नींव रखी है। बजट में की गई घोषणाओं का मुख्य उद्देश्य क्रिएटिव टैलेंट की एक बड़ी फौज तैयार करना और देश के डिजिटल कंटेंट परिदृश्य को और बेहतर बनाना है।

टैलेंट पूल का विस्तार

इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम AVGC (एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना है। इन लैब्स को 15,000 से अधिक सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में शुरू किया जाएगा। यह भारत का सबसे बड़ा औपचारिक प्रयास है जो छात्रों को डिजिटल स्टोरीटेलिंग और कंटेंट क्रिएशन की ज़रूरी स्किल्स से लैस करेगा। इस पहल से भविष्य में एडिटिंग, एनिमेशन और डिजाइन में निपुण वर्कफ़ोर्स तैयार होने की उम्मीद है, जो डिजिटल क्रिएटर्स के लिए बेहद ज़रूरी होगा।

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