बॉलीवुड के गुमनाम हीरो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं
1,000 से अधिक मनोरंजन उद्योग से जुड़े पेशेवरों के एक सर्वे से बॉलीवुड के ज़रूरी सपोर्ट स्टाफ (Support Staff) की कड़वी सच्चाई सामने आई है। आंकड़े बताते हैं कि उनकी आमदनी में भारी कमी आई है, जिससे कई कर्मचारी अपनी कमाई का 50% से 60% तक गंवा चुके हैं। यह वित्तीय दबाव कम प्रोजेक्ट्स, घटती सैलरी और स्ट्रीमिंग सेवाओं (Streaming Services) से पेमेंट में देरी के कारण बढ़ा है।
प्रोडक्शन सर्विसेज पर भी असर
यह आर्थिक तंगी सिर्फ क्रिएटिव (Creative) और टेक्निकल (Technical) भूमिकाओं तक सीमित नहीं है। प्रोडक्शन इक्विपमेंट (Production Equipment) और ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज (Transportation Services) के सप्लायर्स (Suppliers) ने भी मांग में कमी दर्ज की है। इंडस्ट्री फ्रीलांसरों (Freelancers) पर बहुत निर्भर करती है, इसलिए प्रोडक्शन में थोड़ी सी भी मंदी एक प्रोजेक्ट से जुड़े कई वर्कर्स को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।
सावधान OTT प्लेटफॉर्म्स की वजह से सुस्ती
इंडस्ट्री के सूत्रों के अनुसार, ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म्स एक ज़्यादा सतर्क रणनीति अपना रहे हैं, जो सुस्ती का मुख्य कारण है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि प्रोड्यूसर्स (Producers) कसैले बजट पर काम कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कम प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हो रहे हैं और मिड-लेवल (Mid-level) और जूनियर स्टाफ (Junior Staff) के लिए अवसर घट रहे हैं। प्रोजेक्ट्स के अप्रूवल (Approval) में देरी से काम की कमी और बढ़ जाती है।
मुंबई का महंगा जीवन इन मुश्किलों को और बढ़ाता है
मुंबई में रहने की ज़्यादा लागत इन वर्कर्स के लिए वित्तीय कठिनाई को और भी बढ़ा देती है। अंधेरी (Andheri) और बांद्रा (Bandra) जैसे प्रमुख प्रोडक्शन एरियाज़ में, साधारण किराए के घर का किराया भी ₹50,000 प्रति माह से ज़्यादा हो सकता है। नतीजतन, कई लोग अपनी बचत का इस्तेमाल कर रहे हैं, पर्सनल लोन (Personal Loan) ले रहे हैं, या दूसरी नौकरियां ढूंढ रहे हैं। कुछ लोग स्थिर आय की तलाश में मुंबई छोड़कर अपने गृहनगर चले गए हैं।
इंडस्ट्री सपोर्ट की ज़रूरत
हालांकि प्रोडक्शन में सुधार की उम्मीदें हैं, लेकिन इंडस्ट्री के सपोर्ट सिस्टम की वित्तीय स्थिरता (Financial Resilience) को मजबूत करने की ज़रूरत पर सहमति बन रही है। इन ज़रूरी वर्कर्स के वर्तमान आर्थिक संघर्ष बॉलीवुड की ग्लैमरस इमेज (Glamorous Image) के बिल्कुल विपरीत हैं, जो इंडस्ट्री की रीढ़ बनाने वालों की अनिश्चित वित्तीय स्थिति को उजागर करते हैं।
