Apple ने भारत में Apple Music और Apple One बंडल्स के मंथली सब्सक्रिप्शन रेट्स बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने इसका कारण लाइसेंसिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी को बताया है।
सेवाओं की नई कीमत संरचना
Apple ने भारत में अपने म्यूजिक और बंडल सब्सक्रिप्शन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। अब Apple Music इंडिविजुअल प्लान के लिए ग्राहकों को हर महीने ₹139 देने होंगे, जो पहले ₹119 था। स्टूडेंट्स के लिए यह कीमत ₹69 प्रति माह होगी, जबकि पहले यह ₹59 थी। फैमिली प्लान, जिसमें छह लोगों तक का सपोर्ट मिलता है, अब ₹229 प्रति माह का होगा, जो पहले ₹179 था।
सिर्फ म्यूजिक सर्विस ही नहीं, Apple One बंडल्स की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं। इन बंडल्स में Apple Music, Apple TV+, Apple Arcade और iCloud स्टोरेज जैसी सेवाएं शामिल हैं। इंडिविजुअल बंडल अब ₹195 प्रति माह का होगा, जो पहले ₹175 था। फैमिली बंडल ₹445 का हो गया है (पहले ₹365), और प्रीमियर टियर ₹595 (पहले ₹499) का होगा।
कीमतों में बढ़ोतरी के कारण
कंपनी का कहना है कि ये बदलाव म्यूजिक लाइसेंसिंग फीस में बढ़ोतरी के कारण किए गए हैं। रिकॉर्ड लेबल, पब्लिशर्स और आर्टिस्ट को दिए जाने वाले ये लाइसेंसिंग चार्जेज स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ा खर्च होते हैं। Apple ने साफ किया है कि इन नई कीमतों का किसी नए फीचर या सर्विस से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह बढ़ी हुई लागतों का सीधा असर है।
यह कदम Apple की ग्लोबल स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, क्योंकि कंपनी पहले ही यूके, यूरोप और अमेरिका जैसे बाजारों में इसी तरह के प्राइस हाइक कर चुकी है। इससे पहले, Apple ने iPads, Macs और HomePods जैसे हार्डवेयर की कीमतें भी बढ़ाई थीं, जिसका कारण कंपोनेंट की ऊंची लागत और सप्लाई चेन की दिक्कतें बताई गई थीं।
निवेशकों के लिए संकेत
सब्सक्रिप्शन-आधारित बिजनेस मॉडल के लिए यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। जहां ये सेवाएं कंपनी के लिए रेवेन्यू का एक स्थिर जरिया हैं, वहीं कंटेंट और लाइसेंसिंग की बढ़ती लागतों का इन पर सीधा असर पड़ता है। Apple के लिए यह देखना अहम होगा कि वह इन बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों पर कितना प्रभावी ढंग से डाल पाती है, बिना सब्सक्राइबर ग्रोथ को प्रभावित किए। आने वाली तिमाही रिपोर्ट्स से पता चलेगा कि इन मूल्य परिवर्तनों का भारत में Apple की सर्विसेज डिवीजन के विकास और लाभप्रदता पर क्या असर पड़ता है।
