Apple के नए CEO जॉन टेर्नस (John Ternus) सितंबर में कंपनी का पदभार संभालेंगे और आते ही एंटरटेनमेंट डिवीज़न को बड़े पैमाने पर फैलाने की योजना बना रहे हैं। उनकी रणनीति ज़्यादा कंटेंट बनाने के बजाय क्वालिटी पर फोकस करने की है, जो 'CODA' और 'Ted Lasso' जैसे अवार्ड-विनिंग शो की सफलता और Formula 1 जैसी स्पोर्ट्स पार्टनरशिप के बाद आ रही है। यह बदलाव Apple के लिए एक बड़ा कदम है जो हार्डवेयर के अलावा सर्विस रेवेन्यू बढ़ाने और इकोसिस्टम को मज़बूत करने में मदद करेगा।
Detailed Coverage
क्वालिटी पर ज़्यादा ध्यान, क्वांटिटी पर कम
Apple के मौजूदा हार्डवेयर हेड और सितंबर में CEO बनने जा रहे जॉन टेर्नस (John Ternus) ने कंपनी के एंटरटेनमेंट बिज़नेस को बढ़ाने के लिए अपनी रणनीति साफ़ कर दी है। टिम कुक (Tim Cook) के बाद कंपनी का नेतृत्व संभालने जा रहे टेर्नस का मानना है कि कंटेंट के ज़रिए Apple के इकोसिस्टम को और मज़बूत किया जा सकता है, जिससे सर्विस-आधारित रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
टिम कुक के नेतृत्व में Apple ने हमेशा ज़्यादा से ज़्यादा कंटेंट बनाने के बजाय हाई-बजट और क्रिटिकली एकक्लेम्ड प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया है। 'CODA' जैसी ऑस्कर विनिंग फिल्म और 'Ted Lasso' जैसी पॉपुलर सीरीज़ इसी 'बेस्ट-इन-क्लास' अप्रोच का नतीजा हैं। इस क्वालिटी-फर्स्ट स्ट्रेटेजी से कंपनी सब्सक्राइबर्स को बनाए रखने और ब्रांड वैल्यू को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
स्पोर्ट्स में नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
Apple अपने टेक्निकल एक्सपर्टाइज का इस्तेमाल करके कंटेंट को अलग बनाने की कोशिश कर रही है। Formula 1 (F1) रेसिंग लीग के साथ हुए सहयोग को इसका एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। F1 के लिए कस्टम कैमरा टेक्नोलॉजी डेवलप करने और अमेरिका में रेस की ब्रॉडकास्टिंग राइट्स हासिल करने से Apple अपने व्यूअर्स को एक खास अनुभव देना चाहती है, जो शायद दूसरे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए मुश्किल हो। यह स्ट्रेटेजी Apple के हार्डवेयर, स्ट्रीमिंग और न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स को एक साथ लाने में मदद करती है, जिससे स्पोर्ट्स फैंस और प्रीमियम कंटेंट कंज्यूमर्स के लिए एक अनोखा वैल्यू प्रपोज़िशन तैयार होता है।
शेयरहोल्डर्स के लिए क्या हैं मायने?
इन्वेस्टर्स के लिए, एंटरटेनमेंट डिवीज़न Apple के सर्विसेज सेगमेंट का एक अहम हिस्सा है। यह सेगमेंट हार्डवेयर बिज़नेस की तुलना में ज़्यादा प्रॉफिट मार्जिन देता है। हालांकि, स्ट्रीमिंग मार्केट में भारी कॉम्पिटिशन है, Apple की हाई-वैल्यू पार्टनरशिप और इनोवेशन पर फोकस ही उसकी सबसे बड़ी कॉम्पिटिटिव एडवांटेज है।
हालांकि, कंटेंट बिज़नेस में कुछ रिस्क भी हैं, जैसे प्रोडक्शन पर आने वाला भारी खर्च और नए शोज की ऑडियंस रिसेप्शन को लेकर अनिश्चितता। कंटेंट क्रिएशन में काफी कैपिटल इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत होती है, इसलिए इस विस्तार की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी क्वालिटी बनाए रखते हुए खर्चों को कैसे मैनेज करती है। इन्वेस्टर्स अब आने वाली अर्निंग रिपोर्ट्स पर नज़र रखेंगे कि किस तरह सर्विसेज सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ती है और क्या यह स्ट्रेटेजी पेड सब्सक्रिप्शन में लगातार ग्रोथ बनाए रखती है।
