आमिर खान के '3 इडियट्स' वाले बयान पर बढ़ा बवाल, राजनीतिक दलों ने घेरा

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AuthorAditya Rao|Published at:
आमिर खान के '3 इडियट्स' वाले बयान पर बढ़ा बवाल, राजनीतिक दलों ने घेरा

आमिर खान ने कहा कि '3 इडियट्स' का उनका किरदार किसी सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं था, जिस पर राजनीतिक नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। यह विवाद सोनम वांगचुक के दिल्ली में चल रहे अनशन से जुड़ा है, जो शिक्षा सुधारों की मांग कर रहे हैं। मीडिया सेक्टर के निवेशकों के लिए यह एक बड़ा मुद्दा है कि कैसे बड़े सितारों के बयान सामाजिक और राजनीतिक बहस छेड़ सकते हैं।

आखिर क्या है पूरा मामला?

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान इन दिनों एक नए विवाद में फंस गए हैं। लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में उन्होंने कहा कि फिल्म '3 इडियट्स' का किरदार 'फुंसुक वांगडू' लद्दाख के शिक्षाविद सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं था। आमिर खान ने इस धारणा को गलत बताते हुए कहा कि फिल्म बनाते समय वह सोनम वांगचुक के काम से वाकिफ ही नहीं थे।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

आमिर खान के इस बयान पर कई राजनेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने एक्टर के बयान के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी बाहरी दबाव के चलते वह ऐसा कह रहे हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी एक्टर के रुख की आलोचना की और इसे मौजूदा राजनीतिक माहौल से जोड़ दिया। एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण जैसे कई लोगों ने इसे निराशाजनक बताया है, क्योंकि आमिर खान सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं।

सोनम वांगचुक का अनशन

यह पूरा विवाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के चल रहे अनशन से जुड़ा है। वांगचुक NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। खबर है कि एक्टिविस्ट कई दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कई गणमान्य लोगों ने सरकार से हस्तक्षेप और बातचीत की अपील की है।

इंडस्ट्री और पब्लिक सेंटिमेंट

जहां एक तरफ कुछ लोग आमिर खान को निशाना बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग उनके अपने क्रिएटिव प्रोसेस को स्पष्ट करने के अधिकार का बचाव भी कर रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने पहले भी संकेत दिया था कि 'फुंसुक वांगडू' का किरदार FTII के एक छात्र से प्रेरित था, न कि किसी एक व्यक्ति से।

मीडिया और मनोरंजन इंडस्ट्री के लिए, ऐसे मामले पब्लिक फिगर्स और उनसे जुड़े सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता की याद दिलाते हैं। एक्टर्स की ब्रांड वैल्यू अक्सर उनकी पब्लिक इमेज से जुड़ी होती है, और राजनीतिक विवाद दर्शकों की भावना को प्रभावित कर सकते हैं। एंटरटेनमेंट सेक्टर के निवेशक और हितधारक आमतौर पर ऐसे PR चैलेंजेस को मैनेज करने के तरीकों पर नजर रखते हैं, क्योंकि ये सेलिब्रिटीज और उनके प्रोजेक्ट्स की लंबी अवधि की पब्लिक परसेप्शन को प्रभावित कर सकते हैं। NEET से जुड़ी मांगों पर सरकार का रुख और अनशन केंद्रीय मुद्दे बने हुए हैं, जिन पर देश की नजर है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.