AI का जलवा: 5 AI फिल्में बनेंगी, ₹100 करोड़ का होगा निवेश!
इस नई पहल के तहत, Abundantia Entertainment अगले तीन सालों में AI की मदद से पांच फीचर फिल्में बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। Abundantia का AI स्टोरीटेलिंग डिविजन 'aiON' इस प्रोजेक्ट की अगुवाई करेगा। Abundantia Entertainment के फाउंडर और CEO, विक्रम मल्होत्रा ने कहा कि AI कहानी कहने की संभावनाओं को बढ़ाने वाला 'अगला बड़ा मोड़' है। यह साझेदारी भारत में AI-आधारित फिल्म निर्माण इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
AI इन मीडिया की दुनिया में बड़ा उछाल
यह ₹100 करोड़ का निवेश ग्लोबल मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में AI को अपनाने की बढ़ती रफ्तार को दिखाता है। अनुमान है कि 2024 में AI इन मीडिया का मार्केट साइज लगभग $25.98 बिलियन था, जो 2030 तक बढ़कर $99.48 बिलियन होने की उम्मीद है (CAGR 24.2%)। invideo, जो पहले शॉर्ट-फॉर्म और मार्केटिंग कंटेंट में माहिर थी, अब फीचर फिल्म प्रोडक्शन में विस्तार कर रही है। कंपनी को Peak XV Partners और Surge जैसे निवेशकों का साथ मिला है और इसने अब तक $52.5 मिलियन की फंडिंग जुटाई है, जिसका वैल्यूएशन लगभग $200 मिलियन है। इसके टॉप कॉम्पिटिटर्स (competitors) में Synthesia, Luma AI और VEED जैसी कंपनियां शामिल हैं। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि AI अगले साल (2025) से फिल्म निर्माण में और भी बड़ी भूमिका निभाएगा, जिससे प्री-प्रोडक्शन से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक में 10% से 30% तक की लागत कम हो सकती है। भारत का AI इकोसिस्टम भी बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित कर रहा है।
इनोवेशन के साथ चुनौतियां भी!
हालांकि, इस बड़े कदम के साथ कुछ बड़ी चुनौतियां भी जुड़ी हैं। अब तक, फिल्मों में AI का इस्तेमाल ज्यादातर विजुअल इफेक्ट्स (VFX), डी-एजिंग (de-aging) और स्क्रिप्ट एनालिसिस जैसे कामों तक ही सीमित रहा है। इस पैमाने पर पूरी तरह से AI-संचालित स्टूडियो मॉडल भारत में नया है। सबसे बड़े सवाल कॉपीराइट (intellectual property) के मालिक कौन होंगे, और इंसान बनाम मशीन के बीच रचनात्मकता का संतुलन कैसे बनेगा, इन पर अभी भी स्पष्टता नहीं है। भारत के मौजूदा कॉपीराइट कानून, 1957 के तहत, कंटेंट के लिए मानवीय रचनाकार (human authorship) होना जरूरी है। इसके अलावा, कर्मचारियों के विस्थापन (job displacement) और AI-जनित कंटेंट में मानवीय भावनाओं की कमी जैसी चिंताओं को भी दूर करना होगा। invideo के लिए शॉर्ट-फॉर्म से फीचर फिल्मों जैसे जटिल क्षेत्र में कदम रखना एक बड़ी चुनौती होगी, भले ही उसके पास अच्छी फंडिंग हो। ₹100 करोड़ का निवेश बड़े बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स के बजट के मुकाबले कम है, इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह जोड़ी लागत-प्रभावी (capital efficiency) तरीके से कैसे काम करती है।
AI-आधारित सिनेमा का भविष्य
Abundantia और invideo की यह नई पहल भारतीय सिनेमा में AI के भविष्य के लिए एक अहम 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' (proof of concept) साबित हो सकती है। AI-संचालित वर्कफ़्लो प्री-प्रोडक्शन के समय को कम करने, तेजी से विज़ुअलाइज़ेशन में मदद करने और बड़े पैमाने पर सेट के इस्तेमाल को कम करने में सहायक हो सकते हैं। एनालिस्ट्स (Analysts) इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि क्या यह निवेश प्रोडक्शन साइकिल को कम करने और लागत बचाने में सफल होता है। जैसे-जैसे भारत ग्लोबल AI चर्चाओं में अपनी जगह बना रहा है, ऐसे में इस तरह के एडवांस्ड प्रोजेक्ट्स का भविष्य महत्वपूर्ण होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह कदम भारतीय सिनेमा में AI को बड़े पैमाने पर अपनाने की दौड़ शुरू करेगा या यह केवल एक खास निवेश बनकर रह जाएगा। आखिर में, यह देखना होगा कि क्या यह वेंचर दुनिया के सबसे बड़े फिल्म उद्योगों में से एक में कंटेंट की इकोनॉमिक्स (economics) और कहानी कहने के तरीके को बदल पाता है।
