वायरल IP की ताकत
'Backrooms' का फाइनेंशियल प्रदर्शन इंडिपेंडेंट सिनेमा के लिए एक नया रास्ता दिखा रहा है। Kane Parsons की यूट्यूब सीरीज़ के मौजूदा दर्शकों का फायदा उठाकर A24 ने मार्केटिंग का वो बड़ा खर्च बचा लिया, जो आमतौर पर स्टूडियो फिल्में करती हैं। यह दिखाता है कि अब इंडिपेंडेंट सेक्टर में दर्शकों के बीच पहले से पॉपुलर कंटेंट (IP) पर ज़्यादा फोकस किया जा रहा है। 10 मिलियन डॉलर के प्रोडक्शन कॉस्ट पर 212 मिलियन डॉलर का रिटर्न, यानी कई गुना ज़्यादा कमाई, एक बड़ी बात है। लेकिन यह कमाई सिर्फ 10 दिनों में हुई है, जो इसकी लंबी उम्र पर सवाल उठाता है।
डोमेस्टिक मार्केट में गिरावट
फिल्म के दूसरे हफ्ते डोमेस्टिक कलेक्शन में 68% की भारी गिरावट देखी गई। आमतौर पर, ऐसी गिरावट बताती है कि शुरुआती दिनों में ज़्यादा भीड़ थी, लेकिन माउथ पब्लिसिटी (word-of-mouth) उतनी मजबूत नहीं है। स्टूडियो भले ही इंटरनेशनल मार्केट में अच्छी परफॉरमेंस का हवाला दे, लेकिन अमेरिका जैसे बड़े मार्केट में तीसरे और चौथे हफ्ते की कमाई तिमाही नतीजों के लिए बहुत मायने रखती है। अमेरिका में तेजी से गिरावट और साउथ कोरिया जैसे देशों में सिर्फ 11% की गिरावट, यह दिखाता है कि अलग-अलग बाजारों में फिल्म का टिकना वहां की ऑडियंस पर निर्भर करेगा।
जोखिम भरी रणनीति?
यह सोचना ज़रूरी है कि क्या सिर्फ एक वायरल हिट के दम पर स्टूडियो का वैल्यूएशन टिका रह सकता है। A24 की पहचान हमेशा से क्रिटिकली एकक्लेम्ड फिल्मों से रही है, लेकिन हाई-कॉन्सेप्ट हॉरर की तरफ बढ़ना एक स्ट्रक्चरल रिस्क है। अगर आने वाले प्रोजेक्ट्स में वो डिजिटल रेजोनेंस नहीं मिलता, तो कंपनी के वैल्यूएशन में गिरावट आ सकती है। साथ ही, ऐसे तेजी से सफल होने वाले प्रोजेक्ट्स में क्वालिटी कंट्रोल के लिए कम वक्त बचता है, जिससे ब्रांड की वैल्यू को नुकसान पहुंच सकता है। दूसरी कंपनियां जैसे Neon या Blumhouse अक्सर अपने जॉनर में कंसिस्टेंट रहती हैं, लेकिन A24 का बड़े बजट के हॉरर में आना एक ऐसा वोलेटिलिटी (volatility) प्रोफाइल बना रहा है, जिसे इन्वेस्टर्स को समझना होगा।
भारत में एंट्री
12 जून को भारत में फिल्म की रिलीज एक बड़ी परीक्षा होगी। भारत में लोकल फिल्में और हॉरर के प्रति अलग-अलग कल्चरल थ्रेशोल्ड इसे प्रभावित कर सकते हैं। अगर यह फिल्म भारत में अपना पैर नहीं जमा पाती, तो 'Backrooms' की यूनिवर्सल फाइनेंशियल हिट की कहानी पर फिर से विचार करना पड़ सकता है, भले ही इसने वेस्टर्न और साउथ-ईस्ट एशियन मार्केट में कितनी भी कमाई की हो।
