भारत में Tissot का अपना डिजिटल स्टोर
घड़ी बनाने वाली Swiss कंपनी Tissot ने भारत में अपने डायरेक्ट ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को लॉन्च कर दिया है। यह कदम Swatch Group के लिए भारत में अपनी तरह का पहला कदम है। कंपनी का इरादा पारंपरिक रिटेल और चुनिंदा ऑनलाइन मार्केटप्लेस से आगे बढ़कर ग्राहकों तक सीधे पहुंचना है। Tissot का कहना है कि यह ग्राहकों को 'Tissot यूनिवर्स' का एक सीधा, सहज और भरोसेमंद अनुभव देगा, जिससे ब्रांड की पहचान मजबूत होगी और बिचौलियों के कारण होने वाले किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सकेगा।
डिजिटल सेल्स को बढ़ावा देने की कवायद
भारत में Swatch Group की यह पहली सीधी ऑनलाइन रिटेल पहल है, जो देश के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। कंपनी के CEO Sylvain Dolla ने कहा कि भारत की तेजी और ग्राहकों के करीब पहुंचने की ब्रांड की महत्वाकांक्षा इस नए प्लेटफॉर्म के जरिए पूरी होगी। 2020 से लगातार बढ़ रही ऑनलाइन सेल्स को और गति देने के लिए यह डायरेक्ट अप्रोच तैयार की गई है। स्थानीय वेयरहाउस से शिपिंग करने पर Tissot ब्रांड की ऑथेंटिसिटी और स्मूथ परचेस प्रोसेस सुनिश्चित कर पाएगा। यह उन्हें देश भर में फैले 400 से ज़्यादा स्टोर्स और चुनिंदा लग्जरी ई-कॉमर्स साइट्स पर अपनी मौजूदगी से अलग करता है। इससे ब्रांड इमेज और ग्राहक इंटरैक्शन पर सीधा कंट्रोल भी मिलेगा, जो हाई-वैल्यू लग्जरी सेगमेंट में बहुत ज़रूरी है।
भारत का बढ़ता डिजिटल लग्जरी मार्केट
भारत का लग्जरी मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अकेले घड़ी और गहनों का बाजार 2024 में लगभग $11.32 बिलियन का होने का अनुमान है। भारत का ई-कॉमर्स सेक्टर 2026 तक $163 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें 27% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट और 750 मिलियन से ज़्यादा इंटरनेट यूजर्स का योगदान है। यह बढ़ता हुआ डिजिटल स्पेस लग्जरी सामानों की खोज का एक अहम जरिया बन रहा है। ब्रांड्स युवा, टेक-सक्षम खरीदारों से जुड़ने और लग्जरी खर्च का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित करने के लिए डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) चैनलों को तेजी से अपना रहे हैं। एशिया-पैसिफिक क्षेत्र लग्जरी घड़ियों के लिए ग्रोथ में सबसे आगे है, और 2022 से 2027 के बीच भारत की अनुमानित 8% GDP ग्रोथ इसे और आकर्षक बनाती है। हालांकि Rolex, Omega और Breitling जैसे कंपटीटर्स भारत में विभिन्न रिटेल चैनलों के जरिए ऑपरेट करते हैं, Tissot का सीधा ई-कॉमर्स कदम डिजिटल ग्राहक पथ को मैनेज करने पर बढ़ते फोकस को दिखाता है।
Swatch Group की वित्तीय स्थिति और D2C की चुनौतियां
जबकि भारत में Tissot का डायरेक्ट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बेहतर ग्राहक जुड़ाव और बिचौलियों को कम करके बेहतर मार्जिन का लक्ष्य रखता है, पेरेंट Swatch Group को मूल्यांकन (Valuation) संबंधी महत्वपूर्ण जांच का सामना करना पड़ रहा है। 2026 की शुरुआत तक, Swatch Group AG का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो असाधारण रूप से ऊंचा 3,000x से ज़्यादा दर्ज किया गया था। यह आंकड़ा भविष्य की कमाई को लेकर निवेशकों के मजबूत भरोसे या ओवरवैल्यूएशन का संकेत देता है। यह हाल के मिले-जुले स्टॉक प्रदर्शन को देखते हुए विशेष रूप से उल्लेखनीय है: एक रिपोर्ट -30.3% के 1-साल के रिटर्न को दिखाती है, जबकि दूसरी में इसी अवधि में +42.95% का रिटर्न दर्ज है। एनालिस्ट की राय ज्यादातर निगेटिव रही है, जिसमें 'Sell' या 'Underperform' की सिफारिशें और मौजूदा ट्रेडिंग स्तरों से काफी नीचे के टारगेट प्राइस हैं। हालांकि, 17 अप्रैल, 2026 की एक रिपोर्ट ने H2 2025 में टर्नअराउंड और 'बहुत कम फॉरवर्ड P/E' का हवाला देते हुए Swatch Group को 'Buy Candidate' के रूप में अपग्रेड किया। Swatch Group की बिक्री 2024 में घटी थी लेकिन 2025 की दूसरी छमाही में रिकवर होना शुरू हुई, जिसमें Q4 2025 की बिक्री साल-दर-साल 7.2% बढ़ी। Tissot के लिए, इस नए D2C चैनल को अपने व्यापक फिजिकल रिटेल नेटवर्क के साथ सहजता से एकीकृत करना एक बड़ी ऑपरेशनल चुनौती होगी। लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यह मौजूदा बिक्री को नुकसान पहुंचाए बिना पूरक हो, साथ ही लॉजिस्टिक्स और ग्राहक सेवा को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सके।
डायरेक्ट सेल्स की भविष्य की रणनीति
भारत में डायरेक्ट ऑनलाइन सेल्स में Tissot का प्रवेश बदलते लग्जरी उपभोक्ता व्यवहार और मार्केट में तेज डिजिटल ग्रोथ के प्रति एक रणनीतिक अनुकूलन है। प्लेटफॉर्म की सफलता ब्रांड की विरासत और स्विस गुणवत्ता को एक आकर्षक ऑनलाइन अनुभव में बदलने की क्षमता पर निर्भर करेगी। Swatch Group के लिए, यह पहल एक व्यापक डिजिटल परिवर्तन का हिस्सा है, जो एक चुनौतीपूर्ण प्रतिस्पर्धी और मूल्यांकन परिदृश्य के बीच डायरेक्ट सेल्स चैनलों को मजबूत करने पर केंद्रित है। इस नए प्लेटफॉर्म पर Tissot का प्रदर्शन अन्य आशाजनक बाजारों में भविष्य के D2C निवेशों की क्षमता को दर्शाएगा।
