स्विस वॉच इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। युवा पीढ़ी प्री-ओन्ड (Pre-owned) लक्जरी की तरफ बढ़ रही है, जबकि एशियाई प्रतिद्वंद्वी मिड-मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
स्विस वॉच इंडस्ट्री एक बड़े दौर से गुजर रही है। जहां अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट अपनी ताकत बनाए हुए है, वहीं मिड-मार्केट में कंपनियों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फेडरेशन ऑफ द स्विस वॉच इंडस्ट्री (FHS) के अनुसार, बाजार अब दो हिस्सों में बंट रहा है—एक तरफ 3,000 स्विस फ्रैंक से महंगी घड़ियां और दूसरी तरफ 500 स्विस फ्रैंक से सस्ती मैकेनिकल घड़ियां।
Gen Z की बदलती पसंद
आज का युवा ग्राहक अब घड़ियों को सिर्फ स्टेटस सिंबल नहीं मानता। 2026 तक प्री-ओन्ड लक्जरी वॉच मार्केट $35.7 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। युवा पीढ़ी पारंपरिक वेटलिस्ट के बजाय तुरंत उपलब्धता और डिजिटल ट्रांसपेरेंसी को प्राथमिकता दे रही है, जिससे पुराने डीलर नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है।
एशियाई ब्रांडों से कड़ी टक्कर
Seiko, Citizen, और Casio जैसे जापानी दिग्गज, साथ ही उभरते चीनी ब्रांड मिड-मार्केट में स्विस कंपनियों को पीछे छोड़ रहे हैं। ये कंपनियां ई-कॉमर्स और वैल्यू-फॉर-मनी पर फोकस कर रही हैं। साथ ही, स्विस फ्रैंक की मजबूती निर्यातकों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। डॉलर के मुकाबले फ्रैंक के महंगे होने से या तो कंपनियों को अपना मुनाफा घटाना पड़ रहा है, या फिर कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं, जिससे युवा ग्राहक दूर हो रहे हैं।
2026 में रिकवरी के संकेत
इतनी चुनौतियों के बावजूद इंडस्ट्री पूरी तरह से नीचे नहीं गिरी है। 2024 और 2025 की गिरावट के बाद, 2026 के मध्य में एक्सपोर्ट में सुधार दिखा है। जून में एक्सपोर्ट 11.2% और जुलाई में 9.6% बढ़ा है। हालांकि, भू-राजनीतिक अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में गिरती मांग अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
