Radico Khaitan का FY26 में ऐतिहासिक प्रदर्शन
Fiscal year 2025-26 Radico Khaitan के लिए एक यादगार साल साबित हुआ। कंपनी ने अपने अब तक के सबसे बेहतरीन रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किए। कंपनी की प्रीमियम स्ट्रैटेजी (Premiumization Strategy) का असर साफ दिखा, जिससे EBITDA में 52.4% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹1,018.5 करोड़ पर पहुंच गया। एनुअल EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 13.8% से बढ़कर 16.8% हो गया। सबसे अच्छी बात यह रही कि नेट प्रॉफिट दोगुना से ज्यादा बढ़कर ₹604.47 करोड़ रहा, जो 75.9% की प्रभावशाली बढ़ोतरी दिखाता है। यह शानदार परफॉरमेंस Prestige and Above (P&A) सेगमेंट में जोरदार ग्रोथ की वजह से संभव हुआ, जो अब कंपनी की बिक्री का एक बड़ा हिस्सा है।
FY27 में ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद
कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि यह ग्रोथ का सिलसिला FY27 में भी जारी रहेगा। उन्होंने P&A पोर्टफोलियो के वैल्यू में 20% और अपने लग्जरी ब्रांड्स (Luxury Brands) में 25% की ग्रोथ का अनुमान लगाया है। बता दें कि लग्जरी ब्रांड्स ने FY26 में करीब ₹475 करोड़ का रेवेन्यू दिया था। Radico Khaitan अपने व्हाइट स्पिरिट्स (White Spirits) रेंज को भी मजबूत कर रही है, जिसमें टकीला (Tequila) लॉन्च करने और Virasat Indian Single Malt जैसे ब्रांड्स के डिस्ट्रीब्यूशन को बढ़ाने की योजना है। यह कदम भारतीय अल्कोहल मार्केट (Indian Alcohol Market) के लिए महत्वपूर्ण है, जिसके 2026 तक USD 64.86 बिलियन से USD 207.5 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
हाई वैल्यूएशन और मार्जिन पर दबाव का खतरा
Radico Khaitan का मार्केट कैप (Market Cap) फिलहाल करीब ₹45,000 करोड़ के आसपास है। स्टॉक का TTM P/E रेश्यो (Trailing Twelve Months P/E Ratio) 74.4x से 87.76x के बीच चल रहा है। यह वैल्यूएशन ग्लोबल पीयर्स (Global Peers) Pernod Ricard ( 11x-12x ) की तुलना में काफी ज्यादा है, हालांकि यह घरेलू कंपनी United Spirits (लगभग 85x) के करीब है। यह हाई वैल्यूएशन निवेशकों का कंपनी के प्रीमियम सेगमेंट में लगातार ग्रोथ पर भरोसे को दर्शाता है। मगर, इनपुट कॉस्ट (Input Costs) में हो रही लगातार बढ़ोतरी से यह तेजी खतरे में पड़ सकती है। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के चलते पैकेजिंग मैटेरियल्स जैसे ग्लास बॉटल्स (12-20% तक महंगी) और एल्यूमीनियम कैन (8%+ तक महंगे) की कीमतें बढ़ गई हैं। कुल मिलाकर पैकेजिंग लागत में 30-40% का इजाफा हुआ है, जो इंडस्ट्री की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है।
लागत वृद्धि और रेगुलेटरी चुनौतियां
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष (Conflict in West Asia) के कारण इनपुट कॉस्ट में लगातार वृद्धि एक बड़ी चिंता बनी हुई है। प्राकृतिक गैस की सप्लाई और शिपिंग रूट में बाधाओं से पैकेजिंग की लागत बढ़ रही है, जो उत्पादन का एक अहम हिस्सा है। यह सीधे तौर पर मार्जिन पर दबाव डाल रहा है। साथ ही, कंपनियों को राज्य-विशिष्ट एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) और VAT में बढ़ोतरी से निपटने में देरी हो सकती है, जिससे कीमतों को एडजस्ट करना मुश्किल हो सकता है। Radico की ऑर्गेनिक ब्रांड बिल्डिंग (Organic Brand Building) की स्ट्रैटेजी में मार्केटिंग और कैपेसिटी में लगातार निवेश की जरूरत है। इसके अलावा, स्टॉक का हाई P/E रेश्यो जोखिम भरा है अगर ग्रोथ टारगेट पूरे नहीं हुए तो वैल्यूएशन में गिरावट आ सकती है। Peers जैसे United Spirits या Allied Blenders की तुलना में Radico का ROCE ( 16.2%) और ROE ( 13.6%) मार्च 2026 तक कुछ कम हैं।
एनालिस्ट्स का पॉजिटिव नज़रिया
इन चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स (Analysts) का नज़रिया ज्यादातर पॉजिटिव है, जिसमें 'Strong Buy' रेटिंग बनी हुई है। उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट (Price Target) लगभग ₹3,560 है, जो मौजूदा स्तरों से 6% से अधिक की बढ़त का संकेत देता है। Motilal Oswal और Elara Capital जैसी फर्मों ने ₹3,500 से ₹3,850 तक के प्राइस टारगेट का अनुमान लगाया है। मैनेजमेंट भी प्रीमियम सेगमेंट में वॉल्यूम ग्रोथ और प्रोडक्ट मिक्स व ऑपरेशनल एफिशिएंसी से मार्जिन सुधारने की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, बढ़ती रॉ मटेरियल और पैकेजिंग लागतों के बीच लगातार मार्जिन ग्रोथ बनाए रखना, प्रीमियम स्टॉक वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
