रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड, घड़ियों की चमक बरकरार!
Phillips की जिनेवा वॉच ऑक्शन: XXIII ने $96.3 मिलियन (लगभग ₹800 करोड़) का आंकड़ा छूकर अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। यह नीलामी सिर्फ एक इवेंट नहीं थी, बल्कि इसने लग्जरी घड़ियों को सिर्फ एक एक्सेसरी से ऊपर उठाकर एक दमदार 'ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट' (वैकल्पिक निवेश) का दर्जा दिला दिया है। इस नीलामी में 43 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, जिसने यह साफ कर दिया है कि दुर्लभता, बेहतरीन कारीगरी और ब्रांड की विरासत अब फाइन आर्ट और महंगी गाड़ियों के बराबर कीमत पा रही है।
किसने मारी बाज़ी?
इस नीलामी का स्टार रही Patek Philippe की एक बेहद दुर्लभ 'South America' वर्ल्ड टाइमर घड़ी, जिसकी बोली $10.2 मिलियन (करीब ₹85 करोड़) लगी। वहीं, F.P. Journe की Chronomètre à Résonance 'Souscription No. 18' भी करीब $6.3 मिलियन (लगभग ₹52 करोड़) में बिकी। Akrivia जैसी इंडिपेंडेंट ब्रांड की AK-06 मॉडल ने भी $3.9 मिलियन (लगभग ₹32 करोड़) का आंकड़ा छुआ। इससे पता चलता है कि खरीदार अब अनोखी और हाई-क्राफ्ट्समैनशिप वाली घड़ियों पर बड़ा दांव लगा रहे हैं।
युवा खरीदारों का बढ़ता क्रेज
इस ट्रेंड के पीछे एक बड़ी वजह है युवा पीढ़ी, खासकर मिलेनियल्स और जेन Z। वे अब घड़ियों को सिर्फ स्टेटस सिंबल नहीं, बल्कि एक मजबूत इन्वेस्टमेंट के तौर पर देख रहे हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि करीब 35% जेन Z लोग अगले साल लग्जरी घड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, और वे इन्हें सोने या प्रॉपर्टी से ज्यादा आसान निवेश मान रहे हैं। ये युवा खरीदार ही पुराने (pre-owned) घड़ियों के बाज़ार को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
नीलामी बाज़ार में Phillips का दबदबा
ऑक्शन मार्केट के खेल में Phillips एक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरा है। 2025 में, Phillips ने घड़ियों की नीलामी से $290 मिलियन कमाए, जो Sotheby's ($193.6 मिलियन) और Christie's ($162.5 मिलियन) से काफी ज़्यादा है। यह दिखाता है कि कैसे Phillips ने लग्जरी घड़ी नीलामी में अपनी खास जगह बना ली है।
आगे क्या?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लग्जरी घड़ियों का यह 'एसेट क्लास' का सफर जारी रहेगा। दुर्लभता, ब्रांड की पहचान और लगातार बनी रहने वाली खरीदारों की मांग इसकी सबसे बड़ी वजह है। उम्मीद है कि 2034 तक ग्लोबल वॉच मार्केट $116.14 बिलियन तक पहुंच जाएगा। हालांकि, ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और धीमी कंज्यूमर स्पेंडिंग जैसी कुछ चुनौतियाँ बनी रहेंगी।
