Mercedes-Benz India Prices: ग्राहकों को झटका! कंपनी ने बढ़ाईं कीमतें, BMW की बढ़ी रफ्तार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Mercedes-Benz India Prices: ग्राहकों को झटका! कंपनी ने बढ़ाईं कीमतें, BMW की बढ़ी रफ्तार
Overview

Mercedes-Benz India ने अपने लग्जरी वाहनों की कीमतों में **2-4%** की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। बढ़ती लागतों और अपनी 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' (Value over Volume) स्ट्रैटेजी के चलते यह कदम उठाया गया है। यह रणनीति BMW India की आक्रामक ग्रोथ और इलेक्ट्रिफिकेशन (Electrification) पर जोर देने से बिलकुल अलग है, जिसने हाल ही में Q1 2026 की रिटेल बिक्री में मामूली बढ़त हासिल की है।

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लग्जरी मार्केट में रणनीतिक बदलाव

भारत का लग्जरी कार मार्केट दो बिल्कुल अलग रास्तों पर चलता दिख रहा है। एक तरफ Mercedes-Benz India बढ़ती लागतों के बावजूद अपनी प्रीमियम कारों और 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' (Value over Volume) स्ट्रैटेजी पर फोकस कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ BMW India इलेक्ट्रिफिकेशन (Electrification) और मॉडलों की विस्तृत रेंज के जरिए मार्केट शेयर बढ़ाने पर जोर दे रही है।

बढ़ती लागतों के चलते Mercedes-Benz ने बढ़ाईं कीमतें

Mercedes-Benz India ने एक बार फिर कीमतों में इजाफा किया है। Q2 2026 में, कंपनी अपने लग्जरी वाहनों के दाम 2-4% तक बढ़ाएगी, जो कि हालिया 4% की बढ़ोतरी के बाद आया है। कंपनी ने इस कदम के पीछे इंडस्ट्री-वाइड 15-20% तक बढ़ी लागतों का हवाला दिया है। मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यर के मुताबिक, जियोपॉलिटिकल (Geopolitical) गड़बड़ियां, शिपिंग (Freight) लागत में बढ़ोतरी और करेंसी (Currency) में उतार-चढ़ाव, खासकर यूरो के मुकाबले रुपये का कमजोर होना, इन कीमतों को बढ़ाने के मुख्य कारण हैं। इन बढ़ते दबावों के चलते ऑटो इंडस्ट्री में सोर्सिंग (Sourcing) और लॉजिस्टिक्स (Logistics) में बदलाव आ रहे हैं। कंपनी का कहना है कि ये 'सोचे-समझे इजाफे' (Calibrated Increases) लागतों को कवर करने के लिए जरूरी हैं, ताकि डिमांड पर ज्यादा असर न पड़े, क्योंकि Mercedes-Benz अब प्राइस-ड्रिवेन वॉल्यूम (Price-driven volume) वाली स्ट्रैटेजी से हट रही है।

वैल्यू वर्सेज वॉल्यूम: अलग-अलग राहें

Mercedes-Benz India की 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' स्ट्रैटेजी के कारण 2025 में उसके एंट्री-लग्जरी सेगमेंट (Entry-luxury segment) की बिक्री 20% गिरी है, जो अब कुल बिक्री का सिर्फ 13% रह गई है। इस अप्रोच ने कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) और एवरेज सेलिंग प्राइस (Average Selling Price) को बढ़ाकर लगभग ₹1 करोड़ तक पहुंचा दिया है। वहीं, टॉप-एंड सेगमेंट (Top-end segment) जैसे S-Class, Maybach और AMG की बिक्री 11-12% बढ़ी है और अब यह कुल बिक्री का 25% हिस्सा है, जिसमें India Maybach के लिए टॉप-5 ग्लोबल मार्केट्स में से एक बन गया है। दूसरी ओर, BMW India ने व्यापक ग्रोथ का रास्ता चुना है। 2025 में BMW Group India ने 14% की सालाना बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड 18,001 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो इसकी विस्तृत रेंज और अपील का नतीजा है। Q1 2026 की रिटेल बिक्री में, BMW India ने Mercedes-Benz India के 4,861 यूनिट्स की तुलना में 4,944 यूनिट्स बेचकर मामूली बढ़त हासिल की है, जो कि सालों से Mercedes-Benz के आगे रहने के चलन में एक बदलाव है। यह दर्शाता है कि BMW की व्यापक स्ट्रैटेजी, खासकर नए लग्जरी कार खरीदारों के बीच, काफी प्रभावी साबित हो रही है।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की जंग

इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का सेगमेंट लग्जरी कार मार्केट का अहम बैटलग्राउंड (Battleground) बन गया है। यहां BMW का दबदबा साफ दिख रहा है। FY26 में BMW की EV बिक्री 124% बढ़कर 3,537 यूनिट्स तक पहुंच गई, जिसका बड़ा श्रेय iX1 LWB मॉडल को जाता है, जो इसके EV वॉल्यूम का 90% से अधिक है। BMW के पास भारत के लग्जरी EV मार्केट का 65.45% शेयर है, जबकि Mercedes-Benz का शेयर सिर्फ 19.35% है। Mercedes-Benz अपनी आगामी CLA Electric के साथ इस गैप को पाटने की कोशिश करेगी, जिसकी कीमत ₹55-60 लाख के बीच रहने की उम्मीद है, जो BMW के iX1 से महंगी होगी। जहां Mercedes-Benz अपने EV फोकस को टॉप-एंड रेंज तक सीमित रख रही है, वहीं BMW की स्ट्रैटेजी लग्जरी EVs को ज्यादा सुलभ बना रही है। भारतीय लग्जरी कार मार्केट के 2026 में सालाना 5-7% बढ़ने का अनुमान है, जबकि EVs 2031 तक 21.98% की CAGR से बढ़ेंगी। हालांकि, 2026 में अभी भी इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) गाड़ियां 86% मार्केट शेयर के साथ हावी रहेंगी।

Mercedes-Benz की प्रीमियम स्ट्रैटेजी के जोखिम

Mercedes-Benz की 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' और टॉप-एंड कारों पर फोकस की स्ट्रैटेजी जहां प्रॉफिट बढ़ा सकती है, वहीं इसमें जोखिम भी हैं। एंट्री-लग्जरी सेगमेंट में 20% की गिरावट का मतलब है कि कंपनी BMW जैसे प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ रही है, जो पहली बार कार खरीदने वाले खरीदारों को टारगेट करते हैं। केवल उच्च-मार्जिन वाले ग्राहक आधार पर निर्भर रहने से Mercedes-Benz आर्थिक मंदी या लग्जरी खर्च में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है। ग्लोबल कॉस्ट्स और करेंसी की समस्याओं के कारण बढ़ती कीमतें प्रीमियम कारों को कम किफायती बना रही हैं, जो प्राइस-सेंसिटिव (Price-sensitive) क्षेत्रों में मांग को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जबकि BMW अपने विस्तृत लाइनअप और EV पुश के साथ विविधीकरण (Diversification) प्रदान करती है, Mercedes-Benz की प्रीमियम स्ट्रैटेजी युवा खरीदारों को खोने का जोखिम उठाती है जो अधिक सुलभ लग्जरी विकल्प चाहते हैं। यदि कीमतें कथित मूल्य (Perceived value) से मेल नहीं खाती हैं, खासकर जब प्रतिद्वंद्वी अधिक विविध मॉडल और प्रतिस्पर्धी EVs पेश करते हैं, तो यह आकांक्षी खरीदारों को अलग-थलग कर सकती है।

भविष्य का अनुमान

विश्लेषकों को उम्मीद है कि भारतीय लग्जरी कार मार्केट 2026 में लगभग 5-7% की मध्यम गति से बढ़ेगा। Mercedes-Benz 11 नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें से अधिकांश हाई-एंड वाहन होंगे। वहीं, BMW विभिन्न सेगमेंट में 27 मॉडल लॉन्च करेगी। भविष्य में मार्केट ग्रोथ रणनीतिक पोजिशनिंग (Strategic positioning) और टेक-केंद्रित लग्जरी (Tech-focused luxury) और छोटे शहरों में विस्तार की नई उपभोक्ता मांगों को पूरा करने पर निर्भर करेगी। लगातार करेंसी में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल मुद्दे जोखिम बने हुए हैं और कीमतों में और बदलाव ला सकते हैं, जो मार्केट की गति को प्रभावित कर सकते हैं।

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