प्रीमियम की राह में वॉल्यूम की कमी
Mercedes-Benz India ने CY2025 को एक खास स्ट्रेटेजी के साथ गुजारा है, जहां 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' पर जोर दिया गया। इसके चलते, साल-दर-साल रिटेल बिक्री में 2.9% की कमी आई, और कुल 19,007 यूनिट्स बिकीं। यह फैसला ज़्यादा मुनाफे के लिए प्रोडक्ट मिक्स को बेहतर बनाने के मकसद से लिया गया था। इसके कारण कंपनी का Average Selling Price (ASP) करीब ₹1 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 40% की बढ़ोतरी है। टॉप-एंड व्हीकल्स (TEV) और AMG मॉडल्स पर कंपनी का फोकस बढ़ा, जिनकी बिक्री में क्रमशः 11% और 34% का इजाफा हुआ। अब ये कुल बिक्री का 25% हिस्सा हैं। हालांकि, इस प्रीमियमाइजेशन स्ट्रेटेजी की वजह से एंट्री-लग्जरी सेगमेंट में 20% की गिरावट देखी गई। इस परफॉरमेंस से रिकॉर्ड रेवेन्यू जरूर हासिल हुआ, लेकिन इसने मार्केट में बड़े पैमाने पर पैठ बनाने के बजाय हाई-मार्जिन वाले खास सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करने की चाल को दिखाया है।
लग्जरी कार मार्केट में धीमी रफ़्तार, बढ़ी प्रतिस्पर्धा
CY2025 में भारतीय लग्जरी कार मार्केट की ग्रोथ काफी धीमी रही, कुल बिक्री में सिर्फ 1.6% का मामूली इजाफा हुआ और यह लगभग 52,000 यूनिट्स तक पहुंची। यह पैसेंजर व्हीकल मार्केट की 10.5% की बढ़ोतरी के मुकाबले काफी कम है। इसी धीमी रफ्तार वाले माहौल में, BMW Group India ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी की बिक्री में 14% का साल-दर-साल इजाफा हुआ और उसने 18,001 यूनिट्स बेचीं। यह ग्रोथ आक्रामक प्रोडक्ट लॉन्च और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) स्ट्रेटेजी की वजह से संभव हुई, जिससे EV की बिक्री 200% बढ़ गई और मार्केट शेयर 21% तक पहुंच गया। वहीं, Mercedes-Benz के मुख्य प्रतिद्वंद्वी Audi India को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। Audi India की बिक्री में 22.46% की भारी गिरावट आई और केवल 4,510 यूनिट्स बिकीं, जिसकी वजह मॉडल रेंज का सीमित होना बताया जा रहा है। Jaguar Land Rover ने 5,792 यूनिट्स बेचकर थोड़ी ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की, जिसमें खास तौर पर SUVs की डिमांड रही। लग्जरी सेगमेंट की ग्रोथ पर ग्लोबल अनिश्चितताओं, अस्थिर स्टॉक मार्केट और गिरते रुपये के कारण लागत दबाव का असर पड़ा है। हालांकि, सितंबर 2025 में लागू हुए GST सुधारों से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
EV का जोर और सेगमेंट में बदलाव
जहां Mercedes-Benz अपनी प्रीमियम पेशकशों पर जोर दे रही है और 2026 के लिए 12 नए मॉडलों की लॉन्चिंग की योजना बना रही है, जिसमें अप्रैल में ऑल-इलेक्ट्रिक CLA BEV भी शामिल है, वहीं उसकी इलेक्ट्रिक स्ट्रेटेजी BMW की तेज EV अपनाने की रफ़्तार से पीछे दिख रही है। 2025 में BMW की EV पेनिट्रेशन कुल बिक्री का 21% रही, जिसने उसे लग्जरी EV सेगमेंट में लीडर बनाया है। Mercedes-Benz के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स उसके टॉप-एंड सेल्स का 20% हिस्सा बनाते हैं, जिनमें से अधिकांश गाड़ियां ₹1.25 करोड़ से ₹3.10 करोड़ के बीच की हैं, जो एक मजबूत लेकिन खास EV फोकस को दर्शाता है। SUVs लग्जरी मार्केट में हावी बनी हुई हैं, जिन्होंने 2025 में लगभग 47.43% बिक्री पर कब्जा किया। इसकी वजह रोड प्रेजेंस और सुरक्षा को लेकर ग्राहकों की पसंद है। ₹50 लाख से ₹80 लाख का प्राइस बैंड एक महत्वपूर्ण सेगमेंट बना हुआ है, जिसका मार्केट शेयर 40% से अधिक है। भारत की लॉन्ग-टर्म इकोनॉमिक ग्रोथ, जो पिछले दशक में प्रति व्यक्ति GDP दोगुनी होने से दिखती है, और 2025 में $11,940 प्रति व्यक्ति PPP का अनुमान, लग्जरी सामानों की बेसिक डिमांड को मजबूत करते हैं, लेकिन नियर-टर्म चुनौतियां बनी हुई हैं।
मार्जिन पर दबाव और कॉम्पिटिटिव गैप
Mercedes-Benz India द्वारा 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' की ओर रणनीतिक बदलाव में कुछ रिस्क भी शामिल हैं। जहां इससे ASPs और रेवेन्यू बढ़े हैं, वहीं CY2025 में बिक्री की मात्रा में साफ गिरावट आई है। इससे कंपनी उस मार्केट में कमजोर पड़ सकती है जहाँ BMW जैसे प्रतिद्वंद्वी आक्रामक वॉल्यूम और EV ग्रोथ के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। टॉप-एंड सेगमेंट पर भारी निर्भरता, जो बिक्री का 25% है, ब्रांड को एक छोटे और अधिक प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में डालती है, जबकि एंट्री-लग्जरी पेशकशों में 20% की भारी कमी आई है। BMW की EV सफलता के विपरीत, Mercedes-Benz का इलेक्ट्रिक पुश उसके हाई-वैल्यू सेगमेंट तक सीमित है। इसके अलावा, कंपनी करेंसी की अस्थिरता से लगातार दबाव में है, जिसके चलते 2026 की शुरुआत में कीमतों में 2% तक की बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है, जैसा कि BMW ने भी किया है। डीलरों में लगभग ₹450 करोड़ के भारी निवेश का मतलब है कि यह एक कैपिटल-इंटेंसिव ग्रोथ मॉडल है जिसके लिए रिटर्न को सही ठहराने के लिए लगातार हाई-वैल्यू बिक्री की आवश्यकता होगी।
भविष्य का आउटलुक: इलेक्ट्रिफिकेशन और प्रोडक्ट की बाढ़
Mercedes-Benz 2026 में 12 नए प्रोडक्ट लॉन्च करके अपने भारतीय पोर्टफोलियो को मजबूत करने की तैयारी में है। इसमें टॉप-एंड व्हीकल्स और इलेक्ट्रिक मॉडल्स का मिश्रण होगा, जिसमें खास तौर पर अप्रैल में लॉन्च होने वाली ऑल-न्यू CLA BEV शामिल है। इस आक्रामक प्रोडक्ट ऑफेंसिव का लक्ष्य मोमेंटम हासिल करना और ग्राहकों की बदलती पसंदों को पूरा करना है। BMW भी 10 नए प्रोडक्ट की योजना के साथ अपनी पेशकशों को बढ़ा रहा है। ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में 2026-27 में मध्यम वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें पैसेंजर व्हीकल्स में 4-6% की बढ़ोतरी का अनुमान है। इंडस्ट्री लीडर्स 2026 में लग्जरी सेगमेंट में टिकाऊ ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं, जिसे GST सुधारों और बेहतर आर्थिक स्पष्टता का समर्थन मिलेगा। इसमें EV का रोल सेगमेंट के विस्तार में और भी महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है।