भारत का लग्जरी मार्केट **$15 बिलियन** के आंकड़े की ओर बढ़ रहा है, जिसे रफ्तार देने के लिए ग्लोबल ब्रांड्स अब भारतीय सेलिब्रिटीज पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। डिजिटल कैंपेन्स के जरिए ये डील्स अब कुल एंडोर्समेंट का **75%** हिस्सा बन चुकी हैं।
सेलिब्रिटी पार्टनरशिप का बदलता गणित
ग्लोबल लग्जरी ब्रांड्स अब भारत में मार्केटिंग का अपना तरीका पूरी तरह बदल चुके हैं। अब सिर्फ पारंपरिक विज्ञापनों पर निर्भर रहने के बजाय, ब्रांड्स भारतीय सितारों की पहचान (Identity) को सीधे बिजनेस वैल्यू में बदल रहे हैं। मौजूदा समय में भारत का लग्जरी मार्केट $10 बिलियन का है, जिसके अगले एक दशक में $15 बिलियन के पार जाने का अनुमान है।
बड़े ब्रांड्स और उनके चेहरे
अब ब्रांड्स लंबे समय के एंबेसडर रिश्तों पर जोर दे रहे हैं। इसकी झलक इन बड़ी पार्टनरशिप में दिखती है:
- Dior के साथ Sonam Kapoor
- Louis Vuitton के साथ Deepika Padukone
- Bulgari के साथ Priyanka Chopra
- Gucci के साथ Alia Bhatt
- Tiffany & Co. के साथ Ranveer Singh
डिजिटल एंडोर्समेंट और डेटा का खेल
ब्रांड्स अब मार्केटिंग की सफलता को EMV (Earned Media Value) और MIV (Media Impact Value) जैसे आंकड़ों से माप रहे हैं। डिजिटल एंडोर्समेंट का महत्व इतना बढ़ गया है कि अब कुल डील का 60% से 75% हिस्सा डिजिटल स्पेस से आता है, जो कुछ साल पहले महज 40% से 60% था। यह ब्रांड्स को बार-बार बड़े बजट के विज्ञापन करने के बजाय लगातार डिजिटल मौजूदगी बनाए रखने में मदद करता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factor)
इन्वेस्टर्स के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि अत्यधिक निर्भरता से मार्केट सैचुरेशन का खतरा है। अगर हर पब्लिक अपीयरेंस को कमर्शियल कंटेंट की तरह देखा जाने लगा, तो ब्रांड की ऑथेंटिसिटी पर सवाल उठ सकते हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये महंगे एंबेसडर सौदे वाकई सेल ग्रोथ में बदल पाते हैं या फिर बढ़ती कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (Customer Acquisition Cost) मुनाफे पर असर डालेगी।
