Goldiam International: लैब-गोन डायमंड्स का जादू! एक्सपोर्ट से रिकॉर्ड कमाई, शेयर रॉकेट!

LUXURY-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Goldiam International: लैब-गोन डायमंड्स का जादू! एक्सपोर्ट से रिकॉर्ड कमाई, शेयर रॉकेट!
Overview

Goldiam International ने एक्सपोर्ट के मोर्चे पर एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो रहे अपने **लैब-गोन डायमंड (LGD)** जूलरी बिज़नेस को ज़बरदस्त मज़बूती दी है। कंपनी ने अपनी सेल्स का **90.5%** हिस्सा LGD जूलरी पर केंद्रित किया है, जिससे **₹340 करोड़** का रेवेन्यू और **26.7%** का शानदार EBITDA मार्जिन दर्ज किया गया है।

B2B लक्ज़री में एक नई पहचान

Goldiam International ने खुद को लक्ज़री सेगमेंट के उस हिस्से में रखा है जो अक्सर सुर्खियों से दूर रहता है, लेकिन बेहद फायदेमंद है। जहां कई बड़ी रिटेल कंपनियां अपनी दुकानों और ग्राहकों की भीड़ बढ़ाने पर ध्यान देती हैं, वहीं Goldiam का मॉडल सीधे ग्लोबल रिटेलर्स के साथ मज़बूत रिश्ते बनाने और बड़े एक्सपोर्ट ऑर्डर पर केंद्रित है। यह तरीका सीधे प्राकृतिक डायमंड (natural diamond) व्यापार के उतार-चढ़ाव और प्राइस सेंसिटिविटी से बचाता है, जिससे कंपनी ज़्यादा मार्जिन वाले सेगमेंट्स पर ध्यान केंद्रित कर पाती है। यह रिटेल-फोकस्ड कंपनियों के विपरीत, Goldiam की सफलता को डोमेस्टिक स्टोर काउंट्स के बजाय अंतर्राष्ट्रीय ऑर्डर पूरा करने की क्षमता से मापा जाता है। कंपनी का P/E रेश्यो लगभग 28.5 है, और मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹7,500 करोड़ है, जो इसके स्ट्रेटेजिक शिफ्ट को दिखाता है।

90.5% LGD का बड़ा दांव

कंपनी का यह बड़ा फैसला कि उसकी 90% से ज़्यादा सेल्स लैब-गोन डायमंड (LGD) जूलरी से होगी, इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा कदम है। यह सीधे तौर पर अमेरिका में LGDs की बढ़ती कंज्यूमर डिमांड को पूरा कर रहा है। खासकर युवा पीढ़ी, जो टिकाऊ (sustainable) और किफ़ायती (affordable) विकल्प ढूंढ रही है, LGDs को पसंद कर रही है। बड़े रिटेल चेन भी LGDs के लिए ज़्यादा जगह और मार्केटिंग पर खर्च कर रहे हैं, जिसे Goldiam ने पहले ही समझ लिया था और अपनी डिजाइन क्षमताओं व एक्सपोर्ट स्ट्रेटेजी में निवेश कर दिया था।

फाइनेंशियल्स में शानदार परफॉरमेंस

Q3 FY26 में Goldiam ने करीब ₹340 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 18% ज़्यादा है। कंपनी ने ₹91 करोड़ का अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेज, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन (EBITDA) और ₹68 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया। इसके नतीजे में, कंपनी का EBITDA मार्जिन 26.7% और PAT मार्जिन 20.1% रहा। यह इंडस्ट्री एवरेज से काफी बेहतर है, जो कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाता है। फरवरी 2026 में ₹80 करोड़ के नए एक्सपोर्ट ऑर्डर और दिसंबर 2025 तक ₹180 करोड़ की मौजूदा ऑर्डर बुक से कंपनी की आगे की कमाई की राह मज़बूत दिख रही है, जो डिमांड का संकेत देती है।

कैश की भारी भरकम पोजीशन

ऑपरेशनल उपलब्धियों के अलावा, Goldiam ने ₹504 करोड़ से ज़्यादा की कैश, कैश इक्विवेलेंट और निवेश के रूप में बड़ी लिक्विडिटी बनाए रखी है। यह लिक्विडिटी कमोडिटी प्राइस में उतार-चढ़ाव से निपटने, अमेरिकी ऑपरेशंस को बड़ा करने और एक्सपोर्ट मार्केट की अनिश्चितताओं का सामना करने में महत्वपूर्ण बफर का काम करेगी। जिस सेक्टर में अक्सर ज़्यादा वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत होती है, ऐसी मज़बूत कैश पोजीशन कंपनी को लचीलापन और ऑप्शनलिटी देती है।

मार्जिन सस्टेनेबिलिटी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा

हालांकि, Goldiam के LGD शिफ्ट ने ज़बरदस्त नतीजे दिए हैं, लेकिन कुछ बड़े जोखिम भी नज़र आ रहे हैं। LGD मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का तेज़ ग्लोबल विस्तार भविष्य में कीमतों को नीचे ला सकता है, जो कंपनी के हाई मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। साथ ही, कॉम्पिटिटर्स भी LGD स्पेस में तेज़ी से आ रहे हैं, जिससे डिजाइन और एफिशिएंसी में लगातार इनोवेशन की ज़रूरत होगी। इसके अलावा, अमेरिका में कंज्यूमर का खर्च (discretionary spending) इकोनॉमिक स्लोडाउन या इंटरेस्ट रेट्स से प्रभावित हो सकता है, जो लक्ज़री गुड्स की डिमांड पर असर डालेगा।

आगे की राह: ग्रोथ या Endurance?

पिछले तीन सालों में Goldiam के शेयर में 36% की सालाना ग्रोथ (CAGR) देखी गई है, क्योंकि निवेशकों ने इसके सफल LGD ट्रांज़िशन को पहचाना है। भविष्य के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या कंपनी अपने 20%+ नेट मार्जिन को ग्लोबल LGD सप्लाई बढ़ने और अमेरिकी कंज्यूमर पैटर्न्स में बदलाव के बावजूद बनाए रख पाएगी। कंपनी की क्षमता, अपनी ऑपरेशनल एज को बनाए रखने और बदलते बाज़ार के साथ तालमेल बिठाने पर उसका लॉन्ग-टर्म सक्सेस टिका होगा।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.