ECCO का भारत में बड़ा कदम: 2028 तक 50 स्टोर!
ECCO, डेनमार्क की जानी-मानी फुटवियर कंपनी, भारत में अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी ने साल 2028 तक पूरे देश में 50 नए स्टोर खोलने का लक्ष्य रखा है। इस कदम का मुख्य मकसद भारत में प्रीमियम फुटवियर की बढ़ती मांग को भुनाना है। देश में बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम (Disposable Income) और उपभोक्ताओं की बदलती पसंद के चलते भारत का लग्जरी फुटवियर मार्केट काफी तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2033 तक यह मार्केट $2.04 बिलियन तक पहुंच जाएगा, जो सालाना 12.1% की दर से बढ़ रहा है। वहीं, भारतीय फुटवियर मार्केट का कुल आकार 2025 में $20.67 बिलियन से बढ़कर 2034 तक $47.53 बिलियन होने की उम्मीद है। ECCO के प्रोडक्ट्स, जिनकी कीमत आमतौर पर ₹10,000 से ऊपर होती है, सीधे इसी प्रीमियम सेगमेंट को टारगेट करते हैं। कंपनी ने हालिया फाइनेंशियल ईयर (जो मार्च 2025 में समाप्त हुआ) में ₹17.2 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले कुछ सालों में 17% की सालाना कंपाउंड ग्रोथ (CAGR) को दर्शाता है।
रिटेल पर फोकस: बड़े शहरों में दबदबा
ECCO अपनी ऑफलाइन रिटेल स्ट्रैटेजी पर खास ध्यान दे रही है। कंपनी 2019 में भारत आई थी और तब से इसने 9 स्टोर खोले हैं। 2024 के अंत तक 20 स्टोर तक पहुंचने का लक्ष्य है, साथ ही मल्टी-ब्रांड पार्टनर्स के जरिए लगभग 80 अतिरिक्त सेल्स पॉइंट जोड़ने की योजना है। विस्तार का मुख्य जोर बड़े शहरों पर रहेगा, जहाँ से ECCO को 80% बिक्री की उम्मीद है। कंपनी का मानना है कि जो ग्राहक ₹20,000 या उससे अधिक कीमत के प्रीमियम फुटवियर खरीदते हैं, वे उत्पाद को खुद देखकर और पहनकर खरीदने को प्राथमिकता देते हैं। फिलहाल, ECCO क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) पर ध्यान नहीं दे रही है, लेकिन भविष्य में अन्य प्रोडक्ट्स के लिए इस पर विचार कर सकती है।
जेंडर गैप: चुनौती या अवसर?
ECCO के ग्लोबल सेल्स में जहां 55% महिलाएं ग्राहक हैं, वहीं भारत में स्थिति काफी अलग है। यहां 75% बिक्री पुरुषों से आती है, जबकि महिलाएं सिर्फ 25% हैं। यह बड़ा जेंडर स्प्लिट (Gender Split) ECCO के लिए एक बड़ी चुनौती और साथ ही एक जबरदस्त अवसर दोनों है। कंपनी को उम्मीद है कि भारत में प्रीमियम कंजम्पशन (Premium Consumption) बढ़ने के साथ यह अंतर कम होगा, लेकिन खासतौर पर महिला ग्राहकों को आकर्षित करना संतुलित और लंबे समय तक चलने वाली ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बाज़ार की चुनौतियाँ और ECCO की रणनीति
ECCO को भारत में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। Bata India, Relaxo Footwears, Adidas India, Nike India जैसे स्थापित ब्रांड्स के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय लग्जरी ब्रांड भी बाजार में मौजूद हैं। ECCO की रणनीति कीमत पर प्रतिस्पर्धा करने की नहीं, बल्कि कम्फर्ट (Comfort), क्राफ्ट्समैनशिप (Craftsmanship) और टेक्नोलॉजी पर जोर देकर खुद को एक प्रीमियम वॉकिंग शू ब्रांड के तौर पर स्थापित करने की है। इस ऊंची कीमत के चलते कंपनी की पहुंच सीमित हो सकती है, इसलिए ग्रोथ पूरी तरह से अपने टारगेट ग्रुप के बीच अधिक ग्राहकों को जोड़ने पर निर्भर करेगी। भारत में बिक्री का यह असमान जेंडर स्प्लिट महिला उपभोक्ताओं को समझने या उन्हें आकर्षित करने में कमी का संकेत भी हो सकता है। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लाभ मार्जिन पर दबाव डालने वाली प्रतिस्पर्धा भी इस सेक्टर की आम चुनौतियाँ हैं। साथ ही, सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) भी उपभोक्ताओं के लिए एक अहम फैक्टर बन रही है, जिस पर ECCO को अपने प्रोडक्ट्स और सोर्सिंग में ध्यान देना होगा।
लंबी अवधि की रणनीति
ECCO भारत को एक लंबी अवधि के बाजार के रूप में देखती है, जो उसकी विस्तार योजनाओं और प्रमुख शहरों पर फोकस से जाहिर होता है। कंपनी कम्फर्ट और क्वालिटी जैसे अपने मुख्य मूल्यों पर जोर देकर अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती है। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ECCO भारतीय उपभोक्ताओं की विशिष्ट प्राथमिकताओं के अनुसार अपनी ग्लोबल अपील को कितना प्रभावी ढंग से अनुकूलित कर पाती है, खासकर महिला ग्राहक आधार को बढ़ाकर। भारत की अर्थव्यवस्था और आय बढ़ने के साथ, प्रीमियम फुटवियर जैसे उत्पादों की मांग में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। यह उन ब्रांड्स के लिए अवसर पैदा करता है जो बाजार को सफलतापूर्वक नेविगेट कर सकते हैं और उपभोक्ता की पसंद को समझ सकते हैं।
